FIR रद्द करने की मांग वाली अनिल देशमुख की याचिका खारिज

मुंबई। बॉम्बे हाईकोर्ट ने आज महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख की एक याचिका खारिज कर दी है। इस याचिका में देशमुख ने भ्रष्टाचार के एक मामले में सीबीआई की ओर से अपने खिलाफ दर्ज FIR को खारिज करने की मांग की थी। इसके साथ ही अदालत ने राज्य सरकार की उस याचिका को भी खारिज कर दिया जिसमें देशमुख के खिलाफ सीबीआई की एफआईआर के कुछ अंशों को चुनौती दी गई थी।

इससे पहले 19 जुलाई को देशमुख ने कहा था कि मैं इस याचिका पर हाईकोर्ट का फैसला आने के बाद ही ईडी के सामने अपना बयान दर्ज कराने के लिए पेश होऊंगा।
उल्लेखनीय है कि देशमुख इससे पहले मामले में पूछताछ के लिए ईडी की ओर से समन जारी किए जाने के बावजूद उसके समक्ष पेश नहीं हुए थे। अब जब अदालत ने अपना फैसला सुना दिया है उम्मीद की जा रही है कि ईडी जल्द ही देशमुख से पूछताछ करेगी।

बता दें कि कथित तौर पर करोड़ों रुपये के घूस और वसूली गिरोह मामले से जुड़े धन शोधन के मामले के चलते देशमुख को इस साल अप्रैल में गृह मंत्री के पद से इस्तीफा देना पड़ा था। मामले की जांच कर रही केंद्रीय एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने हाल ही में अनिल देशमुख के निजी सचिव संजीव पलांडे (51) और निजी सहायक कुंदन शिंदे (45) को गिरफ्तार किया था।

इससे पहले उसने इन दोनों और एनसीपी नेता के मुंबई व नागपुर स्थित आवासों पर छापे मारे थे। ईडी ने अदालत के आदेश पर दर्ज किए गए मामले व सीबीआई की प्रारंभिक जांच के बाद देशमुख व अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया। न्यायालय ने सीबीआई को मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह द्वारा देशमुख के खिलाफ लगाए रिश्वत के आरोपों की जांच करने को कहा था। देशमुख ने आरोपों से इंकार किया है।
देशमुख और उनकी पत्नी की चार करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति कुर्क
16 जुलाई को ईडी ने बताया था कि अनिल देखमुख और उनके परिवार के खिलाफ जबरन वसूली-सह-घूसखोरी मामले से जुड़ी धनशोधन की जांच के संबंध में उसने 4.20 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्ति कुर्क की गई है। धन शोधन निरोधक अधिनियम (पीएमएलए) के तहत मुंबई के वर्ली में 1.54 करोड़ रुपये मूल्य के एक फ्लैट और रायगढ़ जिले के धुतुम गांव में 2.67 करोड़ मूल्य के 25 भूखंडों को कुर्क करने के शुरुआती आदेश जारी किए गए थे। ईडी ने आरोप लगाया था कि कुर्क संपत्तियां देशमुख के लाभकारी स्वामित्व वाली हैं।
-एजेंसियां