पाकिस्‍तान में हमले से डरे चीनी नागरिक अब खुद AK-47 लेकर चल रहे हैं

पाकिस्‍तान में काम कर रहे चीनी नागरिक बस हमले के बाद इतना डर गए हैं कि खुद ही AK-47 राइफल लेकर चल रहे हैं। चीन अपने शिंजियांग प्रांत को पाकिस्‍तान के ग्‍वादर बंदरगाह से जोड़ने के लिए 60 अरब डॉलर से ज्‍यादा का निवेश कर रहा है। पाकिस्‍तानी सेना अशांत बलूचिस्‍तान में चीनी कामगारों को सुरक्षा देती है लेकिन बस हमले के बाद उसकी पोल खुल गई है। अब चीनी नागरिक पाकिस्‍तानी विद्रोहियों से खुद ही अपनी सुरक्षा करने के लिए असॉल्‍ट राइफल लेकर चल रहे हैं।
चीनी नागरिकों के एके-47 से लेकर चलने की तस्‍वीरें इन दिनों वायरल हो रही हैं। पाकिस्‍तान ने चीनी प्रोजेक्‍ट और नागरिकों की सुरक्षा के लिए 30 हजार जवानों को तैनात किया है लेकिन विद्रोही लगातार हमले कर रहे हैं। पिछले दिनों हुए बस हमले में नौ चीनी इंजीनियरों की मौत हो गई थी। पाकिस्‍तानी सेना के कई जवान भी मारे गए थे। पाकिस्‍तान ने इस हमले को पहले हादसा बताकर छिपाने का प्रयास किया लेकिन चीन के सख्‍त रुख के बाद उसे यह मानना पड़ा कि विद्रोहियों ने यह हमला किया था।
चीन ने पाकिस्‍तान में भेजी अपनी जांच टीम
नौ चीनी इंजीनियरों की मौत ड्रैगन बुरी तरह से भड़का हुआ है। उसे पाकिस्‍तानी जांच पर भी भरोसा नहीं है इसलिए उसने चीनी जांचकर्ताओं को भेजा है। यही नहीं, चीन का सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स भी पाकिस्तान सरकार और सेना के खिलाफ तल्ख बयानबाजी कर रहा है। चीन की नाराजगी का अंदाजा इसी बात से ही लगाया जा सकता है कि आज पाकिस्तान के साथ सीपीईसी को लेकर होने वाली एक बड़ी बैठक को अचानक रद्द कर दिया गया।
चीन के सरकारी अखबार ने दी थी मिसाइल हमले की धमकी
ग्लोबल टाइम्स के संपादक हू शीजिन ने पिछले दिनों ट्वीट कर कहा था कि इस हमले के पीछे कायर आतंकी अब तक सामने नहीं आ पाए हैं। लेकिन वे निश्चित रूप से खोजे जाएंगे और उन्हें खत्म किया जाना चाहिए। अगर पाकिस्तान की क्षमता पर्याप्त नहीं है तो उसकी सहमति से चीन की मिसाइलों और विशेष बलों को कार्यवाही में लगाया जा सकता है। इस बयान के बाद माना जा रहा है कि पाकिस्तान के ऊपर आतंकियों के खिलाफ कार्यवाही को लेकर भारी दबाव है।
-एजेंसियां