अफगानिस्तान के उपराष्ट्रपति ने कहा, तालिबान आतंकियों के साथ है पाकिस्‍तान

अफगानिस्तान के उपराष्ट्रपति अमरुल्ला सालेह ने ट्वीट कर पाकिस्तान पर तालिबानी आतंकियों का साथ देने के आरोप लगया है।
अमरुल्ला सालेह ने ट्विटर पर लिखा कि 20 से अधिक वर्षों तक पाकिस्तान ने क्वेटा शूरा के अस्तित्व या अपनी धरती पर तालिबानी आतंकवादी नेताओं की मौजूदगी से इंकार किया। पाकिस्तान के इस प्रतिरूप से परिचित अफगान या विदेशी सभी ठीक से जान लें कि इंकार का बयान जारी करना सिर्फ एक पूर्व-लिखित पैराग्राफ है।
पाकिस्तानी वायु सेना ने अफगान बलों को तालिबान के खिलाफ कार्यवाही को लेकर चेतावनी दी है।
अफगानिस्तान उप राष्ट्रपति अमरुल्ला सालेह ने कल कहा था कि पाकिस्तान वायु सेना ने अफगान सेना और वायु सेना को एक आधिकारिक चेतावनी जारी की है कि स्पिन बोल्डक क्षेत्र से तालिबान को हटाने के किसी भी कदम का पाकिस्तान वायु सेना द्वारा सामना किया जाएगा और उसे खदेड़ दिया जाएगा।
उप राष्ट्रपति अमरुल्ला सालेह ने पाकिस्तान वायु सेना वाले बयान पर सबूत तक देने की बात बोली है। पाकिस्तान में स्पिन बोल्डक को चमन बॉर्डर के नाम से जाना जाता है।
पाकिस्तान एक बार फिर से अपने पुराने दोस्त तालिबानी आतंकियों की मदद करने लगा है। पाकिस्तान की मदद से तालिबान फिर से अफगानिस्तान में मजबूती से उभरता नजर आने लगा है। अफगानिस्तान से अमेरिकी और नाटो सैनिकों की वापसी से देश में अशांति का माहौल पैदा हो गया है। तालिबान पहले ही दावा कर चुका है कि उसने अफगानिस्तान के 80 फीसदी क्षेत्र पर कब्जा कर लिया है। गौरतलब है कि अफगानिस्तान में गृहयुद्ध को देखते हुए कई देशों ने अपने वाणिज्यिक दूतावास को बंद कर दिया था।
आपकों बता दें कि पाकिस्तान के गृह मंत्री शेख रशीद अहमद ने एक इंटरव्यू में तालिबान आतंकियों के परिवार को पनाह देने की बात को कबुल किया था। उन्होंने इंटरव्यू में कहा था कि तालिबानी आतंकी इलाज कराने पाकिस्तान आते हैं।
-एजेंसियां