आतंकवादियों ने उगले कई राज, सबसे बड़ी मदद कानपुर से मिल रही थी

यूपी एटीएस ने लखनऊ से अलकायदा समर्थित संगठन अंसार गजवातुल हिंद के दो संदिग्ध आतंकवादियों को अरेस्ट किया है। एटीएस की पूछताछ में मसीरूद्दीन और मिनहाज ने कई राज उगले हैं। अलकायदा आतंकियों की सबसे बड़ी मदद कानपुर से हो रही थी। एटीएस ने कानपुर से बिल्डर समेत सात लोगों को पूछताछ के लिए उठाया है। आतंकियों ने कानपुर के एक हिस्ट्रीशीटर से पिस्टल खरीदी थी। सूत्रों के मुताबिक एटीएस को कानपुर से टेटर फंडिग होने के भी साक्ष्य मिले हैं।
एटीएस ने बीते रविवार को लखनऊ के एक मकान से अलकायदा के आतंकवादियों को गिरफ्तार किया था। मसीरूद्दीन और मिनहाज अलकायदा समर्थित संगठन अंसार गजवातुल हिंद के सक्रिय सदस्य हैं। आतंकियों के मददगारों की तलाश में एटीएस ने कानपुर में डेरा डाल रखा है। एटीएस की कई टीमें कानपुर में मददगारों की तलाश में जुटी है। एटीएस ने एक बिल्डर समेत सात लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
कानपुर से हो रही थी टेटर फंडिंग
एटीएस ने दोनों आतंकियों के बैंक डीटेल खंगाली तो पता चला कि कानपुर के एक दर्जन बैंकों से इनके खातों में बड़ी रकम भेजी गई है। पिछले 6 महीनों में लगभग 16 से 20 लाख रुपये का लेनदेन किया गया है।
चमनगंज की तीन बैंक, जाजमऊ के कुछ कारोबारी के नाम सामने आए हैं। इसमें चमनगंज के बिल्डर का नाम भी सामने आ रहा है। एटीएस ने बिल्डर और जाजमऊ, चमनगंज, नई सड़क से पूछताछ के लिए उठाया है। एटीएस ने विश्वविद्यालय के एक प्रोफेसर को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था, लेकिन देर रात उन्हें छोड़ दिया गया।
पिस्टल और प्रीएक्टिवेटेड सिम कानपुर से मिले थे
सूत्रों के मुताबिक एटीएस की पूछताछ में पता चला है कि अलकायदा के दोनों आतंकियों ने कानपुर के एक हिस्ट्रीशीटर से पिस्टल खरीदी थी। पिस्टल की डिलिवरी लेने के लिए दोनों आतंकी कानपुर आए थे। जिसमें एटीएस ने हिस्ट्रीशीट और बिचौलिए को हिरासत में लिया है।
इसके साथ ही मसीरूद्दीन और मिनहाज ने प्रीएक्टिवेटेड सिम भी कानपुर की रहमानी मार्केट से खरीदे थे। एटीएस ने जितने भी लोगों को पूछताछ के लिए उठाया है। उन सभी का मसीरूद्दीन और मिनहाज से आमना-सामना भी कराया जाएगा। आमने-सामने की पूछताछ में क्रॉस सवाल-जवाब किए जाएंगे।
-एजेंसियां