बीजेपी ने अखिलेश से पूछा, देश की सुरक्षा महत्वपूर्ण है या तुष्टिकरण की राजनीति?

लखनऊ। बीजेपी, यूपी पुलिस और सीएम योगी आदित्यनाथ पर अखिलेश यादव की टिप्पणी को लेकर सियासत तेज हो गई है। बीजेपी ने उनके ऊपर पलटवार किया है। बीजेपी के कई नेताओं ने अब एसपी चीफ को निशाने पर लिया है।
बीजेपी उत्तर प्रदेश ने ट्वीट किया, ‘लखनऊ में एटीएस ने अलकायदा के 2 आतंकियों को गिरफ्तार कर बड़े हमले की साजिश को नाकाम कर दिया। इस सफलता पर गर्व करने की बजाय पूर्व मुख्यमंत्री ने सवाल उठाकर उत्तर प्रदेश पुलिस को अपमानित किया है। अखिलेश जी बताएं कि उनके लिए देश की सुरक्षा महत्वपूर्ण है या तुष्टिकरण की राजनीति?’
‘अपने गिरेबान में झांके अखिलेश’
कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि गुंडों की पार्टी कहलाने वाली समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव को पहले अपने गिरेबान में झांकना चाहिए। हार से बौखलाए अखिलेश अनाप-शनाप बयानबाजी कर रहे हैं। सरकार ने चुनाव में गड़बड़ी करने की कोशिश करने वालों पर नकेल कसने का काम किया है। इसी वजह से प्रदेश में शांतिपूर्ण तरीके से पंचायती चुनाव हो सके।
जनता ने योगी सरकार की नीतियों पर अपना भरोसा जताते हुए भाजपा प्रत्याशियों को एतिहासिक जीत दिलाई है। सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि समाजवादी पार्टी अपना जनाधार खो चुकी है। अपनी करारी हार से तिलमिलाए अखिलेश कुछ भी बयानबाजी करने से नहीं चूक रहे हैं।
कोविड मैनेजमेंट में यूपी सरकार अव्वल
सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि अखिलेश अपनी आरामगाह से बाहर आएंगे तो उनको कोरोना प्रबंधन को ले‍कर किए गए योगी सरकार के काम नजर आएंगे। कोरोना संक्रमण में प्रदेश सरकार की नीतियों की तारीफ डब्‍लूएचओ, बॉम्बे हाईकोर्ट से लेकर नीति आयोग तक कर चुका है। वैक्‍सिनेशन और टेस्टिंग में यूपी सरकार पूरे देश में अव्वल है। कोविड मैनेजमेंट के चलते यूपी में पॉजिटिविटी दर 0.04 प्रतिशत हो चुकी है।
‘सपा सरकार में खेली जाती थी खून की होली’
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने अखिलेश के आरोपों पर कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए कहा कि पंचायत चुनाव में बाहुबल और धनबल का इस्तेमाल सपा के शासन में हुआ करता था। उसके राज में बीडीसी सदस्य और प्रत्याशियों का अपहरण किया जाता था और खून की होली खेली जाती थी।
‘सूची तैयार कर ली होगी, लेकिन ख्वाब बस ख्वाब रह जाएगा’
स्वतंत्र देव ने कहा कि सपा ने पंचायत चुनाव में भी अपनी हार से कोई सबक नहीं लिया है इसलिए वह अपने कार्य संस्कृति और सोच के अनुरूप अधिकारियों को धमकी देते हुए उनकी सूची बनाने और सपा सरकार बनने पर कार्यवाही की बात कह रही है। उनका यह ख्वाब बस ख्वाब ही बनकर रह जाएगा।
‘जब विश्वास ही नहीं किसी पर तो क्यों बनना चाहते हैं सीएम’
बीजेपी आईटी सेल के नैशनल इंचार्ज अमित मालवीय ने कहा, ‘अखिलेश यादव ने पहले वैक्सीन पर शक किया। अब कहते हैं आतंकियों के खिलाफ उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्यवाही पर भरोसा नहीं कर सकते। जब इन्हें किसी पर विश्वास ही नहीं है- ना प्रदेश की जनता पर, ना प्रशासन पर तो मुख्यमंत्री क्यों बनना चाह रहे है? घर बैठें।’
-एजेंसियां