अमूल की बड़ी जीत, देश के बाहर पहला ट्रेडमार्क उल्लंघन केस जीता

डेयरी ब्रांड अमूल ने कनाडा में एक बड़ी जीत हासिल की है। अमूल ने देश के बाहर अपना पहला ट्रेडमार्क उल्लंघन केस जीत लिया है। कनाडा के इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी अपीलेट बोर्ड ने अमूल ब्रांड के ट्रेडमार्क स्टेटस को स्वीकृति दे दी है। अमूल भारत की सबसे बड़ा को-ऑपरेटिव है। ब्रांड को नुकसान के मुआवजे के तौर पर 32,733 कनाडाई डॉलर के भुगतान को भी मंजूरी मिली है। यह भारतीय रुपये में 19.59 लाख रुपये बनता है।
अमूल ने ट्रेडमार्क उल्लंघन केस फेडरल कोर्ट ऑफ कनाडा में दर्ज किया था। यह भारत के बाहर किसी कंपनी के खिलाफ अमूल द्वारा किया गया ऐसा पहला मामला था। अमूल डेयरी के नाम से जानी जाने वाली कैरा डिस्ट्रिक्ट कोऑपरेटिव मिल्क प्रोड्यूसर्स यूनियन लिमिटेड और अमूल ब्रांड की मार्केटिंग देखने वाली गुजरात कोऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन (GCMMF) ने अमूल कनाडा और 4 अन्य लोगों मोहित राना, आकाश घोष, चंदू दास और पटेल के खिलाफ फेडरल कोर्ट ऑफ कनाडा में ट्रेडमार्क उल्लंघन का मुकदमा दायर किया था।
क्या था मामला
जनवरी 2020 में अमूल को पता चला कि अमूल कनाडा ग्रुप ने अमूल ट्रेडमार्क और इसके लोगो ‘अमूल- द टेस्ट ऑफ इंडिया’ को कॉपी किया है। साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लिंक्डइन पर एक फेक प्रोफाइल भी बनाई है। अमूल कनाडा के लिंक्डइन पेज पर जॉब और फॉलो का आइकन भी था। जिन चार लोगों को आरोपी माना गया है, वे अमूल कनाडा के कर्मचारियों के तौर पर लिस्टेड थे।
अभियुक्तों पर वाद की तामील के कई प्रयासों के बावजूद, उन्होंने कभी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। बाद में अमूल के वकील डिफॉल्ट निर्णय के लिए एक पक्षीय प्रस्ताव लाए। उन्होंने तर्क दिया कि अमूल ने कभी भी अमूल कनाडा या चार व्यक्तियों में से किसी को भी अपने ट्रेडमार्क और कॉपीराइट का किसी भी तरह से उपयोग करने के लिए लाइसेंस नहीं दिया था और न ही सहमति प्रदान की थी।
क्या माना कोर्ट ने
फेडरल कोर्ट ऑफ कनाडा ने माना कि आरोपियों ने अमूल के कॉपीराइट का उल्लंघन किया था और उन्हें स्थायी रूप से ‘अमूल’ और ‘अमूल-द टेस्ट ऑफ इंडिया’ के ट्रेडमार्क और कॉपीराइट का उल्लंघन करने से रोकने का आदेश जारी किया। बता दें कि GCMMF पिछले 22 सालों से अमेरिका को मिल्क प्रोडक्ट एक्सपोर्ट कर रही है। यह वैश्विक तौर पर 8वीं सबसे बड़ी मिल्क प्रॉसेसर है, जिसका सालाना टर्नओवर 40,000 करोड़ रुपये से ज्यादा है।
-एजेंसियां