ज्‍यादा जूस पीना भी है सेहत के लिए हानिकारक

क्या आपको फलों के मुकाबले जूस पीना ज़्यादा अच्छा लगता है? अगर हां, तो ज़रा सावधान हो जाएं क्योंकि अगर आपको लगता है कि जूस पीने से काफी फायदे होते हैं, तो शायद आप गलत हैं। कुछ वजहे हैं जिनके कारण जूस पीना सेहत के लिए सही नहीं है।’
इसलिए कम पीएं जूस
कुछ ऐसे फल हैं, जैसे कि सेब और अंगूर जिन्हें डायबीटीज़ में फायदेमंद माना जाता है लेकिन अगर इन्हीं चीज़ों को जूस बनाकर पीया जाए तो असर उल्टा होगा। जूस में कैलरी ज़्यादा मात्रा में होती है। साथ ही उसमें कॉन्सनट्रेटिड शुगर भी काफी होता है। साथ ही जूस में कम फाइबर होता है, जिसकी वजह से आपको जूस पीते ही तुरंत पेट भरा हुआ महसूस होने लगता है।
जूस के बजाय खाएं फल
चूंकि एक फल के मुकाबले उसका जूस ज़्यादा जल्दी कंज्यूम कर लिया जाता है इसलिए उससे कार्बोहाइड्रेट इन्टेक भी काफी ज़्यादा होता है। एक रिसर्च में सामने आया कि जिन लोगों ने खाना खाने से पहले सेब का जूस पिया उन्हें ज़्यादा भूख लगी और उन्होंने उन लोगों के मुकाबले ज़्यादा खाया, जिन्होंने मात्र एक सेब खाने के बाद खाना खाया था।
जूस को न बनाएं डाइट का हिस्सा
जूस को अपनी डेली लाइफ का हिस्सा बनाना ठीक नहीं है, लेकिन लोग यह सोचकर रोज़ाना उसे अपनी डाइट में इसलिए शामिल कर लेते हैं क्योंकि वह नेचुरल है और हेल्दी होगा। ऐसा कहीं कोई सबूत नहीं है जो यह साबित कर पाए कि जूस हेल्दी है, बल्कि इसे भी अन्य चीनीयुक्त पेय पदार्थों में गिनना चाहिए।
जूस और मोटापे का कनेक्शन
जूस पीने के बजाय फल खाने की आदत डालें। शायद ही लोग जानते हों कि जूस पीने का मोटापे से भी संबंध है। हालांकि कुछ लोग इसके हेल्थ बेनिफिट्स के आगे इसे नज़रअंदाज़ कर देंगे। मोटापे के अलावा जूस पीने से इम्यून सिस्टम भी कमज़ोर हो जाता है और किसी भी बीमारी से लड़ने की क्षमता भी कम हो जाती है।
होती हैं ये परेशानियां भी
जूस पीने से ब्लड शुगर लेवल भी प्रभावित होता है और डायबीटीज़ जल्दी असर करती है। इसके अलावा सिरदर्द, मूड स्विंग्स जैसी कई और परेशानियां आपको घेर लेती हैं। इसलिए जूस पीने से सावधान रहें। इसे अपनी ज़रूरत न बनाएं। हां कभी-कभी इच्छा हुई तो पी सकते हैं।
-एजेंसी