कैप्‍टन के दांव से कांग्रेस नेतृत्‍व के पसीने छूटे, सिद्धू की भूमिका पर फैसला टाला

नई दिल्‍ली। राहुल गांधी से मिलने के दो दिन बाद भी कांग्रेस में नवजोत सिंह सिद्धू की भूमिका को लेकर कोई फैसला नहीं हो पाया है.
सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस हाईकमान सिद्धू को प्रदेश अध्यक्ष बनाने की संभावना अभी तलाश ही रहा था कि कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पेच फंसा दिया.
अमरिंदर खेमे ने चुनाव से पहले किसी हिंदू को अध्यक्ष बनाने की चर्चा को जोर देकर आलाकमान की मुश्किल बढ़ा दी है. पसोपेश में पड़ा आलाकमान फिलहाल कोई फैसला नहीं ले पा रहा है और मंथन अब भी जारी है.
सिद्धू का मामला कांग्रेस आलाकमान के गले की फांस बन गया है. सिद्धू एक दांव चलते हैं तो कैप्टन दूसरा. दांव-पेच की इस सियासत में कांग्रेस नेतृत्व कोई फैसला नहीं ले पा रहा है. कांग्रेस नेतृत्व के लिए एक तरफ कुआं तो दूसरी तरफ खाई नज़र आ रही है. सिद्धू को नेतृत्व अध्यक्ष जैसी बड़ी भूमिका देना तो चाहता है लेकिन अमरिंदर सिंह इसके लिए तैयार नहीं दिख रहे हैं. सिद्धू को अध्यक्ष बनने की चर्चा को रोकने के लिए कैप्टन खेमे ने हिंदू अध्यक्ष का शिगूफा छेड़ दिया है. इसके लिए कैप्टन खेमे ने राहुल गांधी के खास विजय इंदर सिंगला और पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी का नाम उछाल दिया है. तर्क ये है कि ये नेता हिंदू हैं और आने वाले चुनाव में हिंदू वोटरों को पार्टी की तरफ खींच सकते हैं.
विजय इंदर सिंगला हैं राहुल गांधी के करीबी
सिंगला चूंकि राहुल गांधी के बेहद करीब हैं इसलिए भी कैप्टन खेमे ने उनका नाम उछाल सिद्धू को रोकने की रणनीति बनाई है. वैसे कांग्रेस नेतृत्व सिद्धू को उपमुख्यमंत्री बनाकर प्रचार समिति का अध्यक्ष पद देना चाहता था लेकिन उसके लिए सिद्धू तैयार नहीं हैं. इधर फैसले में हो रही देरी और कैप्टन के नए दांव से तिलमिलाए सिद्धू ने पंजाब बिजली संकट को लेकर मुख्यमंत्री पर ट्विटर के ज़रिए एक बार फिर हमला बोल दिया. सिद्धू दिल्ली जमे हुए हैं और संकेत हैं कि बिना समाधान वो पंजाब नहीं लौटना चाहते.
गौरतलब है कि प्रियंका से मुलाकात के तुरंत बाद हंसती हुई तस्वीर पोस्ट करने वाले सिद्धू ने अब तक राहुल गांधी के साथ हुई मीटिंग के बारे में न तो कोई ट्वीट किया है और न हो कोई तस्वीर पोस्ट की है. मतलब साफ है कि गांधी परिवार में कई दौर की बैठकों के बाद भी पंजाब की कहानी सुलझने की बजाए और उलझती जा रही है.
-एजेंसियां