भारत के तेजस को अपना लड़ाकू विमान बताने पर शर्मसार हुआ चीन

चीन की कम्‍युनिस्‍ट पार्टी के 100 साल पूरे होने पर प्रोपेगैंडा फैलाने में लगे चीन के सरकारी टीवी चैनल सीजीटीएन को तब शर्मनाक स्थिति का सामना करना पड़ा जब उसने भारत के स्‍वदेशी तेजस लड़ाकू विमान के वीडियो को चोरी करके उसे अपने फाइटर जेट J-10 की ताकत के रूप में दिखा दिया। बाद में जब लोगों ने सोशल मीडिया पर उसकी पोल खोल दी तो उसे अपना वीडियो ट्विटर पर डिलीट करना पड़ा।
दरअसल, चीन के सरकारी टीवी ने अपने एयरफोर्स के पायलट और अपने फाइटर जेट की ताकत का प्रोपेगैंडा करने के लिए वीडियो बनाया। इस वीडियो में उसने लड़ाकू विमान को बम गिराते हुए दिखाया। यही नहीं, विमान के भी कई फुटेज को भी दिखाए गए। इस फुटेज में जिस घातक बम को गिराते हुए दिखाया गया वह फुटेज दरअसल भारत के तेजस फाइटर जेट का था।
चीन के तेजस के फुटेज चोरी को सोशल मीडिया पर लोगों ने पकड़ा
तेजस से बम गिराने का यह परीक्षण वर्ष 2013 में हुआ था। इस दौरान तेजस ने लेजर गाइडेड बम गिराने और हवा से हवा में मिसाइलों को दागने का शानदार प्रदर्शन किया था। चीन के तेजस का फुटेज चोरी करके शेयर करने के बाद ट्विटर पर लोगों ने उसकी चोरी पकड़ ली। इसके बाद उन्‍होंने सीजीटीएन को ट्रोल करना शुरू कर दिया। सीजीटीएन ने चोरी पकड़े जाने के बाद अपने वीडियो को ट्विटर से डिलीट कर दिया।
हालांकि अभी चीन का यह वीडियो यूट्यूब पर मौजूद है। इसमें मौजूद‍ क्लिप को लोग तेजस के वीडियो क्लिप से जोड़कर चीन की चोरी को दुनिया के सामने ला रहे हैं। इस घटना के बाद अब सीजीटीएन को भारी शर्मिंदगी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि जिस तरह से चीन दुनिया से हथियारों के डिजाइन की चोरी करके हथियार बना रहा है, उसी तरह से अब फुटेज की भी चोरी करने लगा है।
-एजेंसियां