नेशनल मेडिकल डे पर पीएम मोदी का आह्वान, योग को वैज्ञानिक तरीके से आगे बढ़ाने में सहयोग करे IMA

National Medical Day पर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन IMA के तत्वावधान में आयोजित एक कार्यक्रम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संबोधित किया। अपने संबोधन की शुरुआत में प्रधानमंत्री मोदी ने चिकित्सकों को शुभकामनाएं दीं और कोरोना महामारी से जूझने में सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
इस मौके पर प्रधानमंत्री ने महामारी की संकट के बीच डाक्टरों के उल्लेखनीय सहयोग की सराहना करते हुए उनकी तुलना ईश्वर से की। इसके अलावा उन्होंने ‘योग’ को आगे बढ़ाने का भी जिक्र किया।
डाक्टरों को पीएम ने बताया ‘ईश्वर’ का दूसरा रूप
प्रधानमंत्री ने चिकित्सा बिरादरी को संबोधित करते हुए कहा, ‘डॉ बी. सी. रॉय की स्मृति में मनाया जाने वाला ये दिन हमारे डॉक्टर हमारी मेडिकल फ्रेटर्निटी के उच्चतम आदर्शों का प्रतीक है। खासतौर पर पिछले 1.5 साल में उन्होंने जिस तरह देशवासियों की सेवा की है वह एक मिसाल है।’
उन्होंने आगे कहा कि ‘मैं 130 करोड़ देशवासियों की तरफ से सभी चिकित्सकों को धन्यवाद देता हूं, आभार प्रकट करता हूं। डाक्टर ईश्वर का दूसरा रूप कहा जाता है। कई बार ऐसा लगने लगता है कि क्या हम किसी हमारे अपने को खो देंगे, लेकिन वे ऐसे मौकों पर किसी देवदूत की तरह जीवन की दिशा बदल देते हैं।’
हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाने पर प्रधानमंत्री का जोर
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘इतने दशकों में जिस तरह का मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर देश में तैयार हुआ था, उसकी सीमाएं आप भलीभांति जानते हैं। पहले के समय में मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को किस तरह नजरअंदाज किया गया था, उससे भी आप परिचित हैं। इस साल हेल्थ सेक्टर के लिए बजट का आवंटन दोगुने से भी ज्यादा यानि दो लाख करोड़ रुपये से भी अधिक किया गया।’ प्रधानमंत्री ने कहा, ‘हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए 50 हजार करोड़ रुपये की एक क्रेडिट गारंटी स्कीम लेकर आए हैं, जो स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी को पूरा करेगी।’
योग को आगे बढ़ाने में IMA से मांगा सहयोग
योग का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने IMA से इसे वैज्ञानिक तरीके से आगे बढ़ाने पर सहयोग मांगा। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘आज देश में तेजी से नए AIIMS खोले जा रहे हैं, नए मेडिकल कॉलेज बनाएं जा रहे हैं, आधुनिक हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा किया जा रहा है। 2014 तक देश में केवल 6 AIIMS थे, वहीं इन 7 वर्षों में 15 नए AIIMS की शुरुआत हुई और देश में मेडिकल कॉलेज की संख्या भी लगभग डेढ़ गुना बढ़ी है। प्रधानमंत्री ने देश के डाक्टरों से कहा, ‘जितनी बड़ी संख्या में आप मरीजों की सेवा और देखभाल कर रहे हैं, उसके हिसाब से आप पहले से ही दुनिया में सबसे आगे हैं। ये समय अपने काम का और आपकी वैज्ञानिक अध्ययन का दुनिया संज्ञान ले इसे सुनिश्चित कराने का समय है ताकि आने वाली पीढ़ी को उसका लाभ भी मिले।’
गत रविवार को अपने रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री मोदी ने डॉक्टरों के योगदान की सराहना की थी। उसका वीडियो आज ट्वीट कर उन्होंने चिकित्सक समुदाय का अभिवादन किया और कहा कि हमारे ग्रह को स्वस्थ बनाने में उनका योगदान सराहनीय है।
प्रधानमंत्री मोदी ने इसकी जानकारी बुधवार को एक ट्वीट के जरिए दी। उन्होंने लिखा, ‘ कोविड-19 से जूझने में डॉक्टरों की ओर से किए गए प्रयासों पर देश को गर्व है। 1 जुलाई को राष्ट्रीय डाक्टर दिवस के तौर पर मनाया जाता है। कल दोपहर 3 बजे चिकित्सक समुदाय के कार्यक्रम को संबोधित करूंगा।’
अभी कोविड-19 महामारी के संकट में IMA की ओर से दी जा रही योगदान सराहनीय है। अपनी जान की परवाह न करते हुए डॉक्टर कोविड-19 की दूसरी लहर में अग्रिम मोर्चे पर डटे रहे। इस क्रम में अब तक देश के 798 डॉक्टरों की जान चली गई। IMA के अनुसार महामारी की दूसरी लहर के दौरान दिल्ली में 128 डॉक्टरों की मौत हो गई है। इसके बाद बिहार में 115 और उत्तर प्रदेश में 79 डॉक्टर की मौत हुई है। बीते रविवार को ‘मन की बात’ कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने महामारी से जूझने में डॉक्टरों के योगदान की सराहना की थी। IMA के अध्यक्ष डॉ. जे ए जयलाल ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने आश्वासन दिया है कि डॉक्टरों का सम्मान और सुरक्षा की जाएगी।
बंगाल के भूतपूर्व मुख्यमंत्री और प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. बिधानचंद्र राय की स्मृति में डाक्टर दिवस मनाया जाता है। बता दें कि हर साल 1 जुलाई को राष्ट्रीय डॉक्टर दिवस के मौके पर डॉक्टरों के योगदान का सम्मानित किया जाता है। देश में पहला राष्ट्रीय डॉक्टर दिवस जुलाई 1991 में मनाया गया था।
-एजेंसियां