मथुरा में गरजे डासना देवी मंद‍िर के महंत यति नरसिंहानन्द सरस्वती

मथुरा। हिन्दू धर्म-संस्कृति चेतना मंच के तत्वावधान में मसानी स्थित चित्रकूट धाम में आयोजित विचार गोष्ठी में आए डासना स्थित देवी मंद‍िर के महंत यति नरसिंहा नन्द सरस्वती ने हिन्दू समाज को जाति-पांति का भेद त्याग कर धर्म व समाज की रक्षा हेतु कमर कस लेने का आव्हान किया। ऐसा ना होने की स्‍थ‍ित‍ि में मुगलों की गुलामी झेलने के लिए तैयार रहने के ल‍िए भी चेताया। उन्होंने सनातन धर्म के अस्तित्व को बचाने, अपनी माँ , बहिन व पत्नियों की रक्षा के लिए अपनी संतति की संख्या में वृद्धि करने व शस्त्र रखने की सलाह भी दी।

वे मुख्यवक्ता के रूप में कार्यक्रम में उपस्थित सुधीजनों व पत्रकारों को सम्बोधित कर रहे थे। इससे पूर्व मंच पर विराजमान स्वामी सुमेधानंद महाराज, विपुल चैतन्य ब्रह्मचारी, नागेंद्र गौड़, योगेशानंद सरस्वती, नवलगिरी महाराज, हरिशरण जी महाराज, स्वामी देवेन्द्र चैतन्य जी महाराज, गोपालानंद गिरि, विवेकानंद जी महाराज व स्वरूपानंद सरस्वती जी का माल्यार्पण कर स्वागत किया गया।

इस अवसर पर हिन्दूवादी नेता गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी, व्यापारी कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष रविकांत गर्ग, देवेन्द्र सिंह राठौर, ठा. ओमप्रकाश सिंह, विजय बहादुर सिंह, आचार्य ब्रजेन्द्र नागर, अजय गोयल, शैलेश अग्रवाल, धर्मपाल सिंह सोलंकी, डॉ. संतोष राजोरिया, आचार्य मनमोहन रामानुज, मुरलीधर चतुर्वेदी, लक्ष्मण प्रसाद शर्मा, उमेश गर्ग लोहे वाले आदि की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।

कार्यक्रम की अध्यक्षता स्वामी सुमेधानंद जी ने व सञ्चालन पूरन चन्द कौशिक ने किया। कार्यक्रम के अंत मे संयोजक कैप्टन हरिहर शर्मा आदि ने स्वामी नरसिंहानन्द को धर्म रक्षा निधि व शहीद की जन्मस्थली की मिट्टी भेंट की।
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