तम्बाकू निषेध में कारगर भूमिका निभा सकते हैं डेंटिस्टः डॉ. अरुणा

मथुरा। मुख स्वास्थ्य समूचे शरीर और जीवन की अच्छी गुणवत्ता के लिए महत्वपूर्ण है। मुख रोग सभी आयु वर्गों को प्रभावित करते हैं। एक अनुमान के मुताबिक देश की 60 से 70 फीसदी आबादी किसी न किसी रूप में मुख स्वास्थ्य की परेशानी का सामना कर रही है, इसका प्रमुख कारण हमारे समाज में तम्बाकू आदि का चलन है। तम्बाकू निषेध की दिशा में युवा डेंटिस्ट अपनी कारगर भूमिका निभा सकते हैं। यह कहना है तम्बाकू निषेध के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका का निर्वहन करने वाली डॉ. अरुणा का।

के.डी. डेंटल कॉलेज एण्ड हॉस्पिटल द्वारा आयोजित “तम्बाकू बंद करने वाले क्लीनिक और अनुवर्ती प्रपत्र के लिए अभिविन्यास” विषय पर आयोजित वेबिनार में डॉ. अरुणा ने विस्तार से अपने अनुभव साझा किए। वेबिनार का शुभारम्भ के.डी. डेंटल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. मनेश लाहौरी ने किया। जन स्वास्थ्य दंत चिकित्सा प्रमुख डॉ. नवप्रीत कौर के नेतृत्व में आयोजित वेबिनार में बीडीएस और एमडीएस के छात्र-छात्राओं ने सहभागिता की।

मुख्य वक्ता डॉ. अरुणा ने कहा कि कुछ राज्यों ने अपनी प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली के माध्यम से व्यापक मुख स्वास्थ्य की दिशा में काफी प्रगति की है लेकिन सम्पूर्ण देश में अभी भी इस दिशा में बहुत कुछ किया जाना बाकी है। दरअसल, बेहतर मुख स्वास्थ्य देखभाल और मुख स्वास्थ्य संकेतकों में सुधार लाकर बहुत से लोगों का जीवन खुशहाल बनाया जा सकता है। डॉ. अरुणा ने छात्र-छात्राओं और कर्मचारियों को इस बारे में जागरूक किया। उन्होंने कहा कि युवा डेंटिस्ट तम्बाकू निषेध में गेम चेंजर हो सकते हैं। उन्होंने छात्र-छात्राओं को मथुरा जिले के कॉलेज और समुदायों दोनों में तम्बाकू नियंत्रण गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित किया।

डॉ. अरुणा ने कहा कि स्वस्थ जीवन के लिए तम्बाकू बहुत घातक है लिहाजा भावी युवा डेंटिस्ट समाज में जागरूकता बढ़ाकर दांतों की बीमारियों को सहजता से रोक सकते हैं। उन्होंने कार्बन मोनोऑक्साइड (सीओ) निगरानी का आभासी प्रदर्शन कर धूम्रपान से होने वाले नुकसान और बचाव के उपाय भी सुझाए। डॉ. अरुणा ने वेबिनार में डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया के दिशा-निर्देशों का समर्थन किया तथा दंत चिकित्सा संस्थानों में तम्बाकू समाप्ति केंद्रों की स्थापना के भारत सरकार के उपायों को सही माना। डॉ. अरुणा ने वेबिनार में धूम्रपान और धूम्रपान रहित तम्बाकू दोनों से होने वाले नुकसान के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों को मजबूत करने की सिफारिश की और कहा कि के.डी. डेंटल कॉलेज में तम्बाकू निषेध के जो प्रयास हो रहे हैं वहां तम्बाकू उपयोगकर्ताओं को लाकर उन्हें एक खराब लत से निजात दिलाई जा सकती है।
– updarpan.com