CPEC project पर लिखित गारंटी दे पाक तभी मिलेेगा राहत पैकेज: आईएमएफ

नई दिल्‍ली। CPEC project की वजह से पाकिस्तान को अंतरर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) से मिलने वाले राहत पैकेज में देरी हो सकती है। ऐसा इसलिए क्योंकि वैश्विक ऋणदाता आईएमएफ CPEC project पर पारदर्शी होने के लिए दबाव डाल रहे हैं और इस्लामाबाद से लिखित गारंटी चाहते हैं कि इसकी सहायता का उपयोग चीन को ऋण चुकाने के लिए नहीं किया जाएगा।

यह जानकारी एक मीडिया रिपोर्ट के हवाले से सामने आई है।

पाकिस्तान अंतरर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) से 8 बिलियन अमेरिकी डॉलर की मांग कर रहा है ताकि वह खुद को भुगतान संतुलन की गंभीर स्थिति से बचा सके जो कि देश की अर्थव्यवस्था को मुश्किल में डाल सकता है। चीन की सहायता से, पाकिस्तान को अब तक चालू वित्त वर्ष के दौरान मित्र देशों से वित्तीय सहायता पैकेजों में कुल 9.1 बिलियन अमेरिकी डॉलर प्राप्त हुए हैं।

पाकिस्तान के वित्त मंत्री असद उमर ने इससे पहले इसी महीने कहा था कि आईएमएफ का एक दल विश्व बैंक के साथ ग्रीष्मकालीन बैठक के तुरंत बाद यहां आने वाला है। उन्होंने कहा था कि अप्रैल महीने के अंत तक राहत पैकेज पर हस्ताक्षर हो जाएंगे। सूत्रों ने बताया, “अब आईएमएफ का दल अप्रैल के बजाय मई में यहां आ सकता है।”

पाकिस्तान के दैनिक अखबार डॉन ने आधिकारिक स्रोतों के हवाले से जानकारी दी है कि राहत पैकेज को अंतिम रूप देने के लिए यहां आने वाले आईएमएफ दल के आने की योजना टल सकती है। दोनों पक्ष अनुबंध की अंतिम शर्तों पर गहन चर्चा कर रहे हैं।
-एजेंसी

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