ध्यान दे कही आपका डेटा भी तो नही हुआ चोरी

केंद्र सरकार ने उपयोगकर्ता के संज्ञान के बिना निजी कंपनियों से डेटा साझा करने के मामले में फेसबुक से जवाब मांगा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म द्वारा फोन समेत अन्य डिवाइस निर्माताओं से प्रयोगकर्ताओं का निजी डेटा साझा करने का समझौता करने की खबरें हाल ही में आई। इनकी हकीकत जानने के लिए सरकार ने फेसबुक से स्पष्टीकरण देने को कहा है। कैंब्रिज एनालिटिका डेटा लीक मामले के बाद यह दूसरा मामला है जब फेसबुक विवादों के घेरे में है।

खबरों में दावा किया गया है कि चीन की कम से कम चार कंपनियों के साथ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ने डेटा साझा का समजौता किया है। इसमें कथित तौर पर हुवाई कंपनी का नाम भी आया है जिसे अमेरिका सुरक्षा एजेंसियों द्वारा राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा माना गया है।

अमेरिका में डेटा निजता को लेकर गंभीर आलोचना का सामना कर रहे फेसबुक ने स्वीकार किया है कि उसने यूजर्स का डेटा को चीनी कंपनियों वावे, लेनोवो, ओप्पो और टीसीएल के साथ साझा किया था। ऐसे में केंद्र सरकार ने भारतीयों के निजी डेटा के संरक्षण के मद्देनजर फेसबुक से जवाब तलब किया है। देश में किसी व्यक्ति का डेटा या जानकारी बिना उसके संज्ञान के अन्य से साझा किया जाना निजता के अधिकार का उल्लंघन है। ऐसे में इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) मंत्रालय देश के लोगों का डेटा साझा किए जाने के मामले में कड़ी कार्रवाई कर सकता है।

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