हाथ की रेखाएं खोलती हैं आपके विवाह के राज,ज़रूर जाने

हथेली पर कहां होती है विवाह की रेखा

सबसे छोटी अंगुली जिसे कनिष्ठिका कहा जाता है, उसके नीचे का हिस्सा सामुद्रिक शास्त्र की भाषा में बुध पर्वत कहलाता है।

इसी हिस्से में एक लंबी रेखा दिखाई देती है जो हथेली पर से होते हुए जाती है इसे हृद्य रेखा कहा जाता है।

हृद्य रेखा व कनिष्ठिका के बीच में दिखाई देने वाली आड़ी रेखाओं को आप विवाह रेखा कह सकते हैं क्योंकि इनके द्वारा ही हस्तरेखा विज्ञान में आपके विवाह का आकलन किया जाता है।

यदि किसी जातक के हाथ में इस प्रकार की रेखाएं एक से अधिक हों तो कुछ विद्वान बहु विवाह यानि एक से अधिक विवाह का अनुमान लगाते हैं.

विवाह में देरी

आम तौर पर 20-22 साल के बाद ही विवाह करने की योजनाएं परिवारों में बनने लगती हैं लेकिन बेहतर भविष्य के लिये 25 से 28 साल तक भी सही समय ही माना जाता है.

लेकिन इसके बाद तो फिर देर ही देर मानी जाती है। आपके हाथ की रेखा में यदि बृहस्पति पर्वत का झुकाव शनि की तरफ रहता है.

क्या वैवाहिक संबंधों में आयेगी दरार

यदि विवाह रेखा मध्य में पंहुचकर छिन्न-भिन्न होने लगती है तो यह मात्र रेखा का टूटना नहीं है बल्कि आपके संबंधों में दरार आने की ओर भी ईशारा है।

हालांकि यह संबंध बने रहें इसके लिये अन्य रेखाओं का अध्ययन भी किसी जानकार से करवा लेना चाहिये।

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