जानिए आपकी कुंडली में कौन-सा है योग

जन्मकुंडली में सभी ग्रह चर राशियों में हों तो रज्जु योग बनता है। इस योग में जन्म लेने वाला मनुष्य भ्रमणशील, सुंदर, विदेश यात्राएं करने वाला, सुखी, दुष्ट स्वभाव और स्थान परिवर्तन से उन्नति करने वाला होता है।

कुंडली में समस्त ग्रह स्थिर राशियों में हों तो मूसल योग होता है। इस योग में जन्म लेने वाला व्यक्ति ज्ञानी, धनी, राजमान्य, प्रसिद्ध, अनेक पुत्रों वाला, विधायक एवं शासन का बड़ा अधिकारी होता है।

नल योग: समस्त ग्रह कुंडली में द्विस्वभाव राशियों में हों तो नल योग होता है। जिसकी कुंडली में यह योग है वह जातक हीन वाला अधिक अंगवाला होता है। धन संचय करना बखूबी जानता है।

सर्प योग: सूर्य, शनि और मंगल 4, 7, 10वें स्थान में हों और चंद्र, गुरु, शुक्र और बुध अन्य स्थानों में हों तो सर्प योग होता है।

ऐसे योग वाला व्यक्ति कुटिल, निर्धन, दुखी, दीन, भिखारी होता है। चंदा मांगकर खा जाने वाला और सर्वत्र निंदा का पात्र होता है।

चर मेष, कर्क, तुला, मकर स्थिर वृषभ, सिंह, वृश्चिक, कुंभ द्विस्वभाव मिथुन, कन्या, धनु, मीन.

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