अलकायदा में कानपुर के 8 इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स भी, 4 दिनों से सभी नदारद

कानपुर। अलकायदा के आतंकी मिनहाज अहमद और मसीरुद्दीन उर्फ मुशीर की लखनऊ से बीते रविवार को गिरफ्तारी के बाद से कानपुर के 8 इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स के फोन बंद जा रहे हैं। ये सभी आतंकियों से मिले थे और उनकी आतंकी गतिविधियों का हिस्सा बन चुके थे। ये कहां हैं, इसकी कोई लोकेशन भी नहीं है। मिनहाज ने खुलासा किया है कि वह अंसार गजवातुल हिंद (AGH) का नेटवर्क फैलाने के लिए इंजीनियरिंग स्टूडेंट को रिक्रूट करता था। ATS तीन दिन पहले मिली फोन की लास्ट लोकेशन पर काम कर रही है।

बकरीद से पहले होनी थी बड़ी बैठक
ATS सूत्रों के मुताबिक, मिनहाज और मसीरुद्दीन ने कमांडर शकील के कहने पर पूरे लखनऊ शहर की रेकी की थी। धमाके के लिए भीड़-भाड़ वाली जगह और प्रमुख मंदिर चुने गए थे। धमाका करने से पहले बकरीद से पहले बड़ी बैठक की तैयारी की जा रही थी। यह जानकारी एटीएस को मिनहाज के सोशल मीडिया अकाउंट से मिली है। बैठक की जानकारी चुनिंदा लोगो को आठ घंटे पहले प्लान देने के लिए तैयार किया था। मीटिंग प्वाइंट की जानकारी भी एटीएस को हो गई है। बैठक में ही टास्क भी देने की योजना थी। लेकिन उससे पहले ही दोनों आतंकी पकड़े गए। हालांकि अभी कमांडर शकील फरार है।

गुमशुदा लोगों की इन प्वाइंट्स पर मांगी गई जानकारी
एटीएस ने डीसीआरबी से बीते पांच साल में गुम हुए लोगों की जानकारी मांगी है। एटीएस सूत्रों की माने तो अलकायदा से बने संगठन गजवातुल हिंद में वही लोग शामिल हो रहे हैं, जो घर से भागने के बाद रास्ता भटक गए हैं।

कितने लोग मिले और कितने नहीं मिले?
नहीं मिले लोगों की उम्र क्या है?

– एजेंसी