अमेरिका द्वारा चीनी कंपनियों को ब्लैक लिस्ट करने पर भड़का चीन

वीगर मुसलमानों के मुद्दे पर चीनी कंपनियों को ब्लैक लिस्ट करने के अमेरिकी फ़ैसले पर चीन ने कहा है कि वो ‘ज़रूरी कार्यवाही’ करेगा.
अमेरिका के वाणिज्य विभाग ने कहा है कि शिनजियांग से कारोबार कर रही 14 कंपनियों और चीन की सेना को सहयोग पहुंचा रही अन्य पांच कंपनियों को प्रतिबंधित कंपनियों की सूची में जोड़ा गया है.
शिनजियांग से कारोबारी संपर्क रखने वाली इन कंपनियों पर वीगर मुसलमानों और अन्य मुस्लिम अल्पसंख्यकों के साथ ही हो रही बदसलूकी में कथित तौर पर शामिल होने का आरोप है.
अमेरिकी कार्यवाही के जवाब में चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने कहा है कि इस कदम से चीन के व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को ग़ैरवाजिब तरीके से दबाने की कोशिश की गई है और ये अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक और व्यापार नियमों के ख़िलाफ़ है.
चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने अपने बयान में कहा है कि “चीनी कंपनियों के वैध अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए चीन ज़रूरी कदम उठाएगा.”
चीन शिनजियांग में डिटेंशन कैंपों और वीगर मुसलमानों और अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों से जबरन काम लेने के आरोपों से इंकार करता रहा है. अतीत में अमेरिका की तरफ़ से जब भी ऐसी कार्यवाही हुई तो चीन ने भी जवाब में ऐसी ही कार्यवाही की है.
अमेरिकी वाणिज्य मंत्रालय ने अपने बयान में कहा था कि कुछ इलेक्ट्रॉनिक्स और टेक्नोलॉजी कंपनियां और अन्य व्यापारिक संगठन शिनजियांग में मुस्लिम अल्पसंख्यकों पर चीन के दमन और उच्च तकनीकी से निगरानी में मदद कर रही है.
अमेरिकी पाबंदियों की वजह ये चीनी कंपनियां अमेरिकियों से मशीनरी और अन्य सामान नहीं खरीद पाएंगी.
-एजेंसियां