अलवर में कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव जुबेर खान पर रास्‍ता कब्‍जाने का केस दर्ज

अलवर शहर के अरावली विहार थाने में कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय सचिव जुबेर खान सहित आधा दर्जन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। जुबेर खान पर कॉलोनी के रास्ते पर कब्जा करने और विरोध करने पर वकील राजेश कुमार को जान से मारने की धमकी देने का आरोप है। जिसके चलते अरावली विहार थाने में मामला दर्ज हुआ है। पुलिस मामले की जांच के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है।
शहर के अरावली विहार थाना क्षेत्र स्थित भाखेड़ा निवासी एडवोकेट राजेश कुमार ने रामगढ़ के पूर्व विधायक और वर्तमान ने कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय सचिव जुबेर खान और उनके चौकीदार के खिलाफ जान से मारने की धमकी देने का मामला दर्ज कराया है। पुलिस ने देर रात मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
अपनी शिकायत में राजेश गुप्ता ने कही ये बातें
एडवोकेट राजेश कुमार गुप्ता ने पुलिस को दी गई शिकायत में कहा कि उनके घर के रास्ते पर रामगढ़ के पूर्व विधायक जुबेर खाने ने 30 फीट जमीन पर कब्जा किया हुआ है। बुधवार रात वह अपने घर स्थित ऑफिस में बैठकर काम कर रहे थे। इसी दौरान पूर्व विधायक जुबेर खान का चौकीदार नूरा उसके घर आया और गाली गलौज करने लगा। नूरा ने उसके कहा कि उसे पूर्व विधायक जुबेर खान ने बुलाया है। जब वह जुबेर खान के घर पहुंचे तो पूर्व विधायक जुबेर खान और उनके दोनों पुत्र मौजूद थे। कुछ अन्य व्यक्ति भी वहां पर मौजूद थे। उन्होंने उसे जान से मारने की धमकी दी और रास्ते के विवाद को लेकर कोर्ट में चल रहे मामले को वापस लेने की बात कही।
1999 में खरीदी थी जमीन, खातेदारी भी मेरे नाम: जुबेर खान
वहीं इस मामले पर कांग्रेस नेता जुबेर खान ने बताया कि उन्होंने 1999 में जमीन खरीदी थी। जिसकी खातेदारी उनके नाम है, लेकिन राजेश उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रहा है। राजेश ने वहां सीसीटीवी कैमरा लगाया है और आए दिन वह नाटक करता रहता है। बेवजह के आरोप लगाकर हमें बदनाम कर रहा है। उसे पुलिस से पाबंद भी कराया है लेकिन वह खुद झगड़ा करने की नौबत पैदा करता है।
FIR में ऐसे लोगों के नाम जो यहां मौजूद भी नहीं, मामले की जांच हो रही: एसपी
पुलिस अधीक्षक अलवर तेजस्वनी गौतम ने बताया कि एक व्यक्ति ने रिपोर्ट दर्ज करवाई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। सीसीटीवी फुटेज भी जांच रही है। एफआईआर में कई ऐसे लोगों के नाम भी लिखाए हैं, जो यहां मौजूद भी नहीं हैं।
-एजेंसियां