अधिवक्ता वीरेंद्र इचलकरंजीकर को ‘संविधान के रक्षक’ पुरस्कार

नई द‍िल्‍ली। राष्ट्र रक्षा और धर्मरक्षा के लिए उल्लेखनीय कार्य करने वाले हिन्दू विधिज्ञ परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष अधिवक्ता वीरेंद्र इचलकरंजीकर को ‘संविधान के रक्षक’ पुरस्कार मिलने पर हिन्दू जनजागृति समिति उनका हार्दिक अभिनंदन कर रही है। यह पुरस्कार हिन्दुओं के हित के लिए निःस्वार्थ भाव से संघर्ष करनेवाले योद्धा का गौरव है, ऐसा हम मानते हैं।

आज राष्ट्र और धर्म की स्थिति अत्यंत विकट है इसलिए राष्ट्र और धर्म के लिए निरपेक्ष कार्य करने की आज नितांत आवश्यकता है । लगन से कार्य करनेवालों का इस प्रकार गौरव होने से अन्य अधिवक्ताओं को भी ऐसा कार्य करने की स्फूर्ति मिलेगी, ऐसा हमें विश्‍वास है । ईश्‍वर, देश और धर्म के लिए संघर्ष करने वालों का ऐसा सम्मान होना ही चाहिए । इसके लिए अगवानी करने वाले हिन्दू इकोसिस्टम, भाजपा नेता कपिल मिश्र और समारोह में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने वाले केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह जी के प्रति भी हम आभारी हैं, ऐसा हिन्दू जनजागृति समिति द्वारा सूचित किया गया है ।

अधिवक्ता वीरेंद्र इचलकरंजीकर द्वारा किया हुआ उल्लेखनीय कार्य

अधिवक्ता इचलकरंजीकर द्वारा प्रविष्ट जनहित याचिका के कारण पंढरपुर स्थित श्री विठ्ठल-रुक्मिणी देवस्थान को उनकी 900 एकड भूमि पुनः प्राप्त हुई है ।

अनेक सरकारीकृत मंदिर उदा. मुंबई के श्री सिद्धिविनायक मंदिर, शिरडी स्थित श्री साईबाबा संस्थान, पश्चिम महाराष्ट्र देवस्थान व्यवस्थापन समिति के अंतर्गत आनेवाले 3067 मंदिरों का घोटाला उजागर किया है ।

झूठे आरोप में फंसाए गए अनेक हिन्दुत्वनिष्ठ कार्यकर्ताओं के अभियोग वे निःशुल्क लड रहे हैं ।

अवैध पशु वध गृह, राष्ट्रध्वज का अपमान, कागज की लुगदी की अशास्त्रीय गणेश मूर्ति आदि अनेक विषयों में भी उन्होंने सफल संघर्ष किया है।

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