ज्ञानवापी मामले में इंतिजामिया कमेटी ने दायर की निगरानी याचिका

वाराणसी। सिविल जज सीनियर डिवीजन फास्टट्रैक की अदालत द्वारा ज्ञानवापी मस्जिद का पुरातात्विक सर्वेक्षण कराने के आदेश के खिलाफ अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी की ओर से भी सोमवार को जिला जज ओमप्रकाश त्रिपाठी की अदालत में निगरानी याचिका दायर की गई।
अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी की ओर से अधिवक्ता रईस अहमद अंसारी, मुमताज अहमद, एखलाक अहमद ने निगरानी याचिका दायर की है। इस मामले में सुन्नी सेंट्रल बोर्ड ऑफ वक्फ की ओर से 30 जून को निगरानी याचिका दायर की जा चुकी है। जिला जज ने दोनों याचिकाओं पर सुनवाई के लिए नौ जुलाई की तिथि निर्धारित की है।
इससे पूर्व ज्ञानवापी मस्जिद मामले में पुरातात्विक सर्वेक्षण कराने के सिविल जज (सीनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक) आशुतोष तिवारी के आदेश के खिलाफ चार दिनों पूर्व उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल बोर्ड ऑफ वक्फ की ओर से जिला जज ओमप्रकाश त्रिपाठी की अदालत में निगरानी याचिका दायर की गई थी। जिला जज ने इस याचिका की ग्राह्यता पर सुनवाई के लिए नौ जुलाई की तिथि मुकर्रर की थी।
वर्ष 1991 में प्राचीन मूर्ति स्वयंभू ज्योतिर्लिंग भगवान विश्वेश्वरनाथ तथा अन्य पक्षकारों ने ज्ञानवापी में ने मंदिर के निर्माण तथा हिंदुओं को पूजा-पाठ करने का अधिकार देने को लेकर कोर्ट में मुकद्दमा दायर किया था। मुकद्दमे की सुनवाई के दौरान वादमित्र विजय शंकर रस्तोगी ने पुरातात्विक सर्वेक्षण विभाग से राडार की तकनीक से ज्ञानवापी परिसर तथा कथित विवादित स्थल का भौतिक एवं पुरातात्विक सर्वेक्षण कराने की अदालत से अपील की थी। वहीं अब अंजुमन इंतजामिया मसाजिद की ओर से भी इस बाबत निगरानी याचिका दायर की गई है।
-एजेंसियां