जम्‍मू-कश्‍मीर को लेकर 15 सेवानिवृत IPS अधिकारियों ने PM मोदी का लिखा खत

नई दिल्‍ली। भारतीय पुलिस सेवा के 15 सेवानिवृत अधिकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक खुला-पत्र लिखा है जिसमें उन्होंने कश्मीर मुद्दे का समाधान ढूंढने के लिए उनकी सरकार के ‘साहसी और निर्णायक प्रयासों’ की सराहना की है.
हाल ही में केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर के राजनीतिक हितधारकों के साथ एक बैठक की थी, जिसमें घाटी के नेता शामिल हुए थे. इन सेवानिवृत अधिकारियों ने बैठक करने की उस पहल को भी अपने पत्र में एक ‘नज़ीर’ बताया है.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार पत्र पर जिन सेवानिवृत अधिकारियों ने हस्ताक्षर किये हैं, उनमें से 10 लोग विभिन्न राज्यों के पूर्व पुलिस महानिदेशक रह चुके हैं.
इन अधिकारियों ने कहा है कि “सात साल पहले मोदी सरकार के आने के बाद से कश्मीर की जटिल समस्या को सुलझाने के लिए सरकार के साहसी और निर्णायक प्रयास देखे जा रहे हैं. यह राष्ट्रीय गौरव का विषय है कि इन सालों में केंद्र सरकार ने इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए सभी तरह के क़दम उठाये.”
इन अधिकारियों ने मोदी सरकार की तारीफ़ में लिखा है कि ‘सरकार में भविष्य की संभावनाओं का अनुमान लगाने की दूरदृष्टि है जो बेहद संतोषजनक बात है. सरकार ने जम्मू-कश्मीर में अपराध और आतंकवाद पर नियंत्रण करने के लिए योजनाएं बनाईं. उन्हें त्रुटिहीन तरीक़े से लागू किया और कश्मीर के मामलों में हमेशा से हस्तक्षेप करने वाले पाकिस्तान को कठिन स्थिति में डाल दिया गया.’
पत्र में कहा गया है कि “ये रोचक बात है कि पाकिस्तान अब जम्मू-कश्मीर को फिर से राज्य का दर्जा देने के लिए कह रहा है जिसका अर्थ है कि वो स्वीकार कर रहा है कि जम्मू-कश्मीर भारत का हिस्सा है.”
पत्र में कहा गया कि राजनीतिक हितधारकों से मुलाक़ात करने संबंधी केंद्र सरकार की हालिया पहल और विश्वास बढ़ाने के लिए ‘दिल की दूरी’ तथा ‘दिल्ली की दूरी’ मिटाने का विचार, अपने आप में एक नज़ीर है.
इस पत्र पर हस्ताक्षर करने वालों में एके सिंह (आईपीएस, गुजरात, 1985), बद्री प्रसाद सिंह (आईपीएस, उत्तर प्रदेश, 1990), गीता जौहरी (आईपीएस, गुजरात, 1982), के अरविंद राव (आईपीएस, आंध्र प्रदेश, 1977), के राजेंद्र कुमार (आईपीएस, जम्मू कश्मीर, 1984), केबी सिंह (आईपीएस, ओडिशा, 1985), एम नागेश्वर राव (आईपीएस, ओडिशा, 1986), पीपी पांडे (आईपीएस, गुजरात, 1982), प्रकाश मिश्रा (आईपीएस, ओडिशा, 1977) आदि शामिल हैं.
पीएम मोदी ने गुरुवार को कश्मीरी नेताओं के साथ दिल्ली में एक बैठक की थी जिसके बाद ये बताया गया कि जम्मू-कश्मीर में जल्द ही परिसीमन का काम पूरा कर लिया जायेगा ताकि घाटी में जल्द से जल्द चुनाव कराये जा सकें.
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार दिल्ली में हुई इसी बैठक के दौरान पीएम मोदी ने कहा था कि “वे कश्मीर के मामले में दिल्ली की दूरी और दिल की दूरी को हटा देना चाहते हैं.”
-BBC