विलय के 3 महीने बाद RLSP को JDU में मिली 10 प्रतिशत की हिस्‍सेदारी

पटना। बिहार में JDU ने दो दिन पहले ही अपनी नई प्रदेश कमेटी का ऐलान किया। जिसमें महिलाओं को पहली बार एक तिहाई हिस्सेदारी यानी 33 फीसदी से ज्यादा जगह दी गई है।
इस टीम में करीब तीन महीने पहले विलय करके आई उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी RLSP के भी नेताओं को जगह मिली है। जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा की घोषित नई प्रदेश समिति में आरएलएसपी को महज 10 फीसदी भागीदारी मिली है।
जेडीयू की नई टीम में आरएलएसपी से आए 20 नेताओं को मिली जगह
उमेश कुशवाहा ने 211 नेताओं को लेकर एक बड़ी प्रदेश समिति का ऐलान किया। हालांकि नई टीम पर गौर करें तो पता चला कि इसमें आरएलएसपी से विलय करके जेडीयू में आए केवल 20 नेताओं को ही जगह दी गई है। एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि 29 नव-नियुक्त प्रदेश उपाध्यक्ष में से केवल चार तत्कालीन आरएलएसपी से हैं। इसी तरह 60 प्रदेश महासचिव में से केवल चार कुशवाहा समर्थक हैं।
114 प्रदेश सचिव में केवल 12 कुशवाहा खेमे से
114 प्रदेश सचिवों में से केवल 12 कुशवाहा खेमे से लिए गए हैं। एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि जेडीयू की जारी 7 प्रदेश प्रवक्ताओं की लिस्ट में आरएलएसपी से किसी भी नेता को ये जिम्मेदारी नहीं दी गई है। RLSP के पूर्व प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष संतोष कुशवाहा ने कहा कि अगर आरएलएसपी पृष्ठभूमि के नेताओं को नई समिति में अधिक भागीदारी दी जाती तो ये जेडीयू को और मजबूत करने के लिए बेहतर होता।
RLSP के पूर्व प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष संतोष कुशवाहा को मिली ये जिम्मेदारी
संतोष कुशवाहा पहले शरद यादव के नेतृत्व वाले लोकतांत्रिक जनता दल और बाद में आरएलएसपी में शामिल होने से पहले युवा जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष थे। उन्होंने अब नई जेडीयू प्रदेश समिति में 114 राज्य सचिवों में से एक की जिम्मेदारी दी गई है। तीन महीने पहले जब आरएलएसपी का जद (यू) में विलय हुआ था तो संतोष आरएलएसपी के राज्य कार्यकारी अध्यक्ष थे। संतोष के अलावा रेखा गुप्ता (सीतामढ़ी) भी RLSP की प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष थीं। रेखा गुप्ता को नई टीम में उपाध्यक्ष बनाया गया है।
-एजेंसियां