कोरोना काल में बैंकिंग सेक्टर का मुनाफा रेकॉर्ड स्तर पर पहुंचा

नई दिल्‍ली। कोरोना काल में बैंकिंग सेक्टर का मुनाफा रेकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। वित्त वर्ष 2021 में बैंकिंग सेक्टर ने 1,02,252 करोड़ रुपये का रेकॉर्ड मुनाफा कमाया। सबसे बड़े फायदे में सरकारी बैंक रहे।
बैंकिंग सेक्टर के लिए कोरोना काल अच्छा साबित हुआ है। वित्त वर्ष 2021 में बैंकिंग सेक्टर ने 1,02,252 करोड़ रुपये का रेकॉर्ड मुनाफा कमाया जबकि इस दौरान कोरोन महामारी (Covid-19 pandemic) के कारण इकॉनमी को संघर्ष करना पड़ा था। इससे पहले वित्त वर्ष 2019 में बैंकिंग इंडस्ट्री को करीब 5,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था।
बैंकिंग इंडस्ट्री के मुनाफे में एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) और एसबीआई (SBI) की करीब आधी हिस्सेदारी है। कुल मुनाफे में एचडीएफसी बैंक की हिस्सेदारी 31,116 करोड़ रुपये यानी 30 फीसदी रही जो वित्त वर्ष 2019 के मुकाबले 18 फीसदी अधिक है। इस दौरान देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई की हिस्सेदारी 20,410 करोड़ रुपये यानी 20 फीसदी रही। इस दौरान आईसीआईसीआई का प्रॉफिट 16,192 करोड़ रुपये रहा जो पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले दोगुना से भी अधिक है। सरकारी बैंकों की लेंडिंग की रफ्तार धीमी रही और इसका फायदा निजी बैंकों को मिला।
सरकारी बैंकों को फायदा
सबसे बड़े फायदे में सरकारी बैंक रहे। 5 साल में पहली बार वे कलेक्टिव नेट प्रॉफिट में रहे। 12 सरकारी बैंकों में से केवल दो बैंक पंजाब एंड सिंध बैंक और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया घाटे में रहे। निजी क्षेत्र के बैंकों में यस बैंक को 3,462 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। हालांकि घाटे में रहे बैंकों का नुकसान पिछले साल की तुलना में कम रहा। बै़ड लोन की समस्या से मुक्ति के कारण सरकारी बैंक मुनाफे में आए। पिछले वित्त वर्ष में उन्हें 26,015 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था और इस बार 31,817 करोड़ रुपये का मुनाफा।
-एजेंसियां