बुलंदशहर में एकसाथ 20 जिला पंचायत सदस्य गिरफ्तार, स‍ियासत तेज

बुलंदशहर। उत्तर प्रदेश में 3 जुलाई को जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव के ल‍िए वोटिंग से एक सप्ताह पहले पुलिस ने एक साथ 20 जिला पंचायत सदस्यों को गिरफ्तार कि‍या है। जिला पंचायत सदस्यों की गिरफ्तारी से एक बार फिर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीति तेज हो गई है।

मामला जिले के सिकंदराबाद कोतवाली के पीर बियावानी स्थित एक डिग्री कॉलेज का है। जहां एक समारोह में शामिल विपक्षी दलों के जिला पंचायत सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने सपा, बसपा और रालोद के 20 जिला पंचायत सदस्यों की गिरफ्तारी की। इस बीच रालोद के जिला पंचायत सदस्यों ने पुलिस पर सत्ता की शह पर मनमानी करने का आरोप लगाया। गिरफ्तारी से नाराज सदस्यों ने कहा कि, पुलिस सत्ता के पक्ष में काम कर रही है। 3 जुलाई को जिले में वोट डाले जाने हैं। इसलिए सत्ता पक्ष के लोग दबाव की राजनीति कर रहे हैं।

तीन जुलाई को पड़ेंगे वोट

प्रदेश में जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए तीन जुलाई को वोट डाले जाएंगे। वोटिंग से पहले रालोद के दो और भाजपा के एक प्रत्याशी को पर्चा भरना है। लेकिन नामांकन से एक दिन शुक्रवार को पुलिस ने जिला पंचायत सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी को लेकर पुलिस का तर्क है कि वह बिना अनुमति लिए कॉलेज में मीटिंग कर रहे थे, इसलिए कोविड प्रोटोकॉल के उल्लधंन में उनकी गिरफ्तारी की गई है।
– एजेंसी