बड़ी कार्यवाही: अमेरिका ने दर्जनों ईरानी न्यूज़ वेबसाइट को बंद किया

वॉशिंगटन। अमेरिका ने दर्जनों ईरानी न्यूज़ वेबसाइट को बंद कर दिया है. इन पर ग़लत सूचना फ़ैलाने के आरोप हैं.
मंगलवार को कई साइटों को ऑफ़लाइन कर दिया गया. इन्हें नोटिस भेजकर कहा गया है कि यह अमेरिका की एफ़बीआई और वाणिज्य विभाग की कार्यवाही है.
जिन वेबसाइटों का बंद किया गया है, उनमें ईरान की सरकारी प्रेस टीवी और ईरानी समर्थित हूती आंदोलन की ओर से संचालित अल-मसिराह टीवी भी शामिल हैं.
अमेरिका ने यह क़दम तब उठाया है जब ईरान के साथ परमाणु क़रार को लेकर गतिरोध और तनाव बढ़ता जा रहा है.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार अमेरिकी डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस ने कहा है कि ईरानी इस्लामिक रेडियो और टेलीविज़न यूनियन की कुल 30 वेबसाइट के अलावा ईरान समर्थित हिज़्बुल्लाह चरमपंथी संगठन की तीन अन्य वेबसाइटों को बंद किया गया है.
मंगलवार दोपहर बाद से ये वेबसाइट नहीं खुल रही हैं. प्रेस टीवी ईरान की सरकार का अंग्रेज़ी भाषा का प्रमुख सैटलाइट चैनल है.
इसकी वेबसाइट को भी बंद कर दिया गया है. यमन में हूती विद्रोहियों को ईरान समर्थन देता है और यहाँ से भी इस बात की पुष्टि हुई है कि almasirah.net को बंद कर दिया गया है.
हालांकि कुछ साइट तो घंटों में ही नए डोमेन के साथ फिर से ऑनलाइन हो गईं.
अमेरिका की यह हालिया कार्यवाही कट्टरपंथी और पश्चिम विरोधी मौलवी इब्राहिम रईसी के ईरान में राष्ट्रपति चुने जाने के कुछ दिन बाद ही लिया गया है.
अभी रईसी ने सत्ता भी नहीं संभाली है. अगले महीने वे राष्ट्रपति पद की शपथ लेंगे.
पिछले कुछ सालों में ईरान और अमेरिका के रिश्ते ख़राब हुए हैं. 2018 में अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ परमाणु क़रार को ख़त्म कर दिया था और कई कड़े प्रतिबंध लगा दिए थे.
इस परमाणु क़रार के तहत ईरान को परमाणु कार्यक्रम सीमित करना था और उसके आर्थिक पाबंदियों में छूट मिली थी. अब अमेरिका का बाइडन प्रशासन इस परमाणु क़रार को फिर से बहाल करना चाहता है लेकिन अब तक कुछ भी ठोस नहीं हो पाया है.
रविवार को वियना में दुनिया के छह देश- अमेरिका, ब्रिटेन, फ़्रांस, चीन, रूस और जर्मनी परमाणु करार बहाल करने को छठे चरण की बात कर रहे थे लेकिन वार्ता स्थगित कर दी गई है.
-BBC