बिग बुल की सलाह, अमेरिका के बजाय भारत में निवेश करने पर बेहतर रिटर्न

नई दिल्‍ली। बिग बुल के नाम से मशहूर और भारत के वॉरेन बफे कहे जाने वाले दिग्गज निवेशक राकेश झुनझुनवाला ने रीटेल इनवेस्टर्स को अमेरिका के बजाय भारत में निवेश करने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि भारतीय बाजार में लंबे समय तक तेजी जारी रहेगी और निवेशकों को अमेरिका के बजाय भारत में बेहतर रिटर्न मिलेगा।
झुनझुनवाला ने सोमवार को CNBC-TV18 के साथ एक इंटरव्यू में कहा, ‘अमेरिका में निवेश मत कीजिए। जब घर में अच्छा खाना मिल रहा है तो बाहर जाकर क्यों खाएं। भारत की संभावनाओं पर भरोसा कीजिए। अपने देशवासियों में निवेश कीजिए और पैसा बनाइए। बाजार में ज्यादा समय बर्बाद मत कीजिए। जब आपको अच्छा मौका, अच्छा कॉरपोरेट गवर्नेंस और बेहतर वैल्यूएशन दिखे तो तुरंत उस शेयर को खरीद लीजिए।’
मेटल स्टॉक्स में कमाई
देश के सबसे सफल निवेशकों में से एक झुनझुनवाला ने कहा कि उन्हें शेयर बाजार में तेजी की उम्मीद है क्योंकि इकॉनमी में बेहतर ग्रोथ आने वाली है। उन्होंने कहा, ‘इकॉनमी अभी टेक-ऑफ स्टेज में है। हम एनपीए साइकल से गुजरे हैं। जनधन, आईबीसी, रेरा जैसे कई बदलाव हुए हैं और माइनिंग, लेबर और खेती के नियमों में सुधार हुए हैं। भारत बेहतर और लंबे इकनॉमिक ग्रोथ की दहलीज पर है। इंडियन इकॉनमी में जो ढांचागत बदलाव हो रहा है, वह अब दिखने लगा है।’
झुनझुनवाला ने कहा कि कमोडिटी सुपर-साइकल अभी शुरू हुआ है और यह लंबे समय तक चलेगा क्योंकि इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की मांग में तेजी आ रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि मेटल स्टॉक्स में कमाई और वैल्यूएशन दोनों मोर्चों पर तेजी आएगी। इन कंपनियों की कमाई में प्रति शेयर 200 से 300 रुपये तक जा सकती है।
14-15 फीसदी जीडीपी ग्रोथ की उम्मीद
पीएसयू सेक्टर के बारे में उन्होंने कहा कि वह अपना पैसा पीएसयू बैंकों में लगाते हैं लेकिन उन्हें उन्हें पूरे पीएसयू सेक्टर से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है। बैंकिंग सेक्टर के बारे में उन्होंने कहा कि उन्हें इन शेयरों में तेजी की उम्मीद है। यहां तक कि तथाकथित इनइफिशियंट बैंकों के शेयरों में भी तेजी आएगी।
कोरोना की दूसरी लहर के बाद आरबीआई और विभिन्न एजेंसियों ने भारत के इकनॉमिक ग्रोथ के अनुमान को घटा दिया है। लेकिन झुनझुनवाला की सोच अलग है। उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि इस साल जीडीपी ग्रोथ 14-15 फीसदी रहेगी। इस तरह की ग्रोथ से पैसों की मांग बढ़ेगी। मुझे लगता है कि अगले 4-5 साल और उससे भी आगे देश में जीडीपी ग्रोथ 10-12 फीसदी से कम नहीं रहेगी। उन्होंने फार्मा और रियल्टी सेक्टर में भी तेजी की उम्मीद जताई।
-एजेंसियां