दो अलग-अलग कंपनियों की वैक्‍सीन लगवाने पर भी प्रभावी: WHO

स्‍टॉकहोम। विश्‍व स्‍वाथ्‍य संगठन WHO ने दो अलग-अलग कोरोना वैक्‍सीन लगवाने पर खुशखबरी दी है। डब्‍ल्‍यूएचओ की मुख्‍य वैज्ञानिक सौम्‍या स्‍वामीनाथन ने कहा है कि दो अलग-अलग कंपनियों की वैक्‍सीन लगवाने पर यह कोरोना वेरिएंट के खिलाफ प्रभावी तरीके से काम कर रही है।
उन्‍होंने कहा कि इस ताजा शोध से उन देशों के लिए दरवाजे खुल गए हैं जो अपने नागरिकों को दूसरी डोज लगवाने के लिए कोरोना वैक्‍सीन का इंतजार कर रहे हैं।
स्‍वामीनाथन ने कहा, ‘अब ऐसे देश टीकाकरण के लिए दूसरी वैक्‍सीन का इस्‍तेमाल कर सकेंगे।’ इससे पहले कई वैज्ञानिकों ने यह सुझाव दिया था कि कोरोना वेरिएंट से निपटने के लिए दो अलग-अलग कंपनियों की कोरोना वैक्‍सीन को लगवाया जा सकता है। इससे वेरिएंट के खिलाफ लंबे समय तक सुरक्षा मिलेगी और इम्‍युनिटी भी रहेगी। हालांकि उन्‍होंने आगाह किया कि ब्रिटेन, स्‍पेन और जर्मनी से मिले आंकड़ों से पता चला है कि दो अलग-अलग वैक्‍सीन लगवाने पर मरीज के अंदर ज्‍यादा दर्द, बुखार और अन्‍य साइड इफेक्‍ट सामने आ रहे हैं।
‘अलग-अलग वैक्‍सीन से ज्‍यादा प्रतिक्रिया देने वाला इम्‍यून सिस्‍टम बन रहा’
डब्‍ल्‍यूएचओ की वैज्ञानिक ने यह भी कहा कि दो अलग-अलग कंपनियों की वैक्‍सीन से ज्‍यादा प्रतिक्रिया देने वाला इम्‍यून सिस्‍टम बन रहा है जिससे उच्‍च स्‍तर की एंटीबॉडी और वाइट ब्‍लड सेल्‍स बन रही हैं जो वायरस से प्रभावित कोशिकाओं को मार रही हैं। इस बीच दुनिया के कई देशों टीकाकरण को तेजी से बढ़ाने के लिए दो अलग-अलग वैक्‍सीन लगाने का परीक्षण किया जा रहा है। मलेशिया में कोविशील्‍ड और फाइजर की वैक्‍सीन को एक के बाद दूसरी करके लगाने पर विचार किया जा रहा है।
वहीं कुछ अन्‍य देशों और फार्मा कंपनियों के अधिकारियों ने कोरोना वायरस के वेरिएंट के लिए बूस्‍टर शॉट की तैयारी शुरू कर दी है। हालांकि अभी स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारियों ने यह कहा है कि अभी इसकी जरूरत पड़ेगी या नहीं यह कहना जल्‍दीबाजी होगी। स्‍वामीनाथन ने कहा कि हमें अभी इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। उन्‍होंने कहा कि यह कदम अभी अपरिपक्‍व है क्‍योंकि अभी कई देशों में कोरोना वैक्‍सीन नहीं लगी है। इससे पहले ब्रिटेन ने कहा था कि कोरोना वैक्‍सीन के बूस्‍टर शॉट को ब्रिटेन में ठंड से पहले लगाया जाएगा ताकि इस महामारी के प्रसार को रोका जा सके।
-एजेंसियां