आदतें जो बदलनी चाह‍िए: ना बैठें पैरों को क्रॉस करके

कुछ आदतें ऐसी होती हैं जि‍न्हें स्टाइल के ल‍िए तो बड़ा अच्छा माना जा सकता है परंतु सेहत के ल‍िए बेहद खतरनाक होती हैं ऐसी आदतें। इन्हीं आदतों में पैरों को क्रॉस करके बैठना भी शाम‍िल है। पैरों को एक के ऊपर एक रखकर बैठते हैं, तो यह आपके स्वास्थ्य पर हानिकारक प्रभाव डाल सकता है। खास तौर पर महिलाओं को इस तरह बैठने की सीख दी जाती है, क्योंकि इस तरह बैठना स्टाइलिश माना जाता है। लेकिन ऐसा करने से आपके पैरों की नसों पर प्रेशर पड़ता है और मांसपेशियों में दबाव बढ़ने लगता है।

ज्यादातर लोग बैठे हुए अपने एक पैर को दूसरे पैर पर चढ़ा लेते हैं। कभी-कभार ऐसे बैठने में कोई हर्ज नहीं है, मगर यदि आपका काम ऐसा है कि आपको रोजाना दिन में कई घंटे इसी पोजीशन में पैर पर पैर चढ़ाकर बैठना पड़ता है, तो ये आदत आपके लिए खतरनाक हो सकती है। जी हां, लंबे समय में क्रॉस लेग करके बैठना आपकी सेहत को कई तरह से प्रभावित करता है। आइए आपको बताते हैं इस आदत के संभावित नुकसान।

ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है
आपने कभी ध्यान दिया है कि जब डॉक्टर किसी मरीज का ब्लड प्रेशर लेते हैं, तो उसे दोनों पैर जमीन पर रखने को कहते हैं? ऐसा इसलिए है क्योंकि पैर पर पैर चढ़ाकर बैठने से ब्लड प्रेशर टेम्परेरी रूप से बढ़ जाता है। जर्नल आप हाइपरटेंशन में छपे एक अध्ययन के अनुसार अगर आप एक पैर पर दूसरा पैर चढ़ाकर बैठते हैं, तो आपका ब्लड प्रेशर कुछ प्वाइंट्स तक बढ़ता है। ऐसा नहीं है कि इस तरह बैठने से आपको मेडिकल इमरजेंसी जैसी किसी स्थिति का सामना करना पड़ेगा, बल्कि समस्या तब होती है, अगर कोई व्यक्ति पहले ही हाई ब्लड प्रेशर का मरीज है, तो उसके लिए ये आदत खतरनाक हो सकती है।

शरीर का पोश्चर बिगड़ता है
पैर पर पैर चढ़ाकर बैठने की आदत से आपके शरीर का पोश्चर बिगड़ सकता है। दरअसल जब आप पैर पर पैर चढ़ाकर बैठते हैं, तो इस पोजीशन में बैठने के लिए आपके पेल्विस (पेड़ू वो हिस्सा है, जो पेट के नीचे होते है) के हिस्से को मुड़ना पड़ता है। इसके अलावा इस तरह देर तक बैठने से पेल्विस के हिस्से में दवाब बढ़ता है। इससे आपको थोड़े दिनों में ही कमर दर्द की शिकायत हो सकती है और लंबे समय में आपकी रीढ़ की हड्डी पर भी इसका नकारात्मक असर पड़ सकता है। कुछ मामलों में नसों में तनाव (Muscle Stiffness) की भी समस्या हो सकती है।

गर्भवती महिलाओं के लिए खतरनाक हो सकता है ऐसे बैठना
गर्भवती यानी प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए पैर पर पैर चढ़ाकर बैठने की आदत बेहद खतरनाक हो सकती है। जब गर्भवती महिलाओं का पेट बढ़ना शुरू होता है, तो उनके शरीर में भी कई बदलाव आते हैं। पेट बढ़ जाने पर पूरे शरीर की अपेक्षा पेट गुरुत्वार्षण का केंद्र बन जाता है, क्योंकि वो आगे की तरफ लटक रहा होता है। इसलिए ऐसे समय में आपके पैर पर पैर चढ़ाकर बैठने से आपके गर्भ पर दबाव पड़ सकता है। इसके अलावा ये आदत आपके पैरों में दर्द या एड़ियों में सूजन का कारण बन सकती है। इसलिए आपको हमेशा स्टूल या कुर्सी पर दोनों पैर नीचे रखकर बैठना चाहिए या सोफा पर दोनों पैर फैलाकर बैठना चाहिए।

घुटने हो सकते हैं कमजोर
रोजाना कई घंटों तक पैर पर पैर चढ़ाकर बैठने की आदत आपके घुटनों को कमजोर कर सकती है और पैरों में दर्द का कारण बन सकती है। लंबे समय में ये स्थिति आपको घुटनों और हड्डियों से जुड़ी कई और बीमारियों का शिकार बना सकती है। दरअसल पैर पर पैर चढ़ाकर बैठने से अक्सर एक घुटने पर दबाव बढ़ जाता है। ऐसे में अगर आप देर तक इसी पोजीशन में बैठते हैं, तो ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित होता है और हड्डियां कमजोर होती हैं।

कैसे बैठना चाहिए?
आपको हमेशा इस बात का ध्यान रखना है कि बैठें, खड़े हों या लेटें, आपके पूरे शरीर या दाएं, बाएं दोनों पक्षों पर गुरुत्वाकर्षण बल समान लगेगा, तो पोजीशन आपके लिए बेस्ट है। इसलिए कुर्सी पर बैठें तो दोनों पैरों को जमीन पर रखें, सोफे पर बैठें तो दोनों पैरों को चढ़ाकर बैठें, स्टूल पर बैठें तो दोनों पैरों को अलग-अलग दिशा में फैलाकर बैठें, इससे एनर्जी का बैलेंस बना रहता है।