फाइनेंस बिल 2019 के जरिए अमल में आया TDS का एक नियम

नई दिल्ली। फाइनेंस बिल 2019 के जरिए देश में TDS का एक नियम अमल में आया। इसके तहत अगर कोई व्यक्ति एक ही बैंक/को-ऑपरेटिव बैंक/पोस्ट ऑफिस के सभी अकाउंट्स को मिलाकर एक वित्त वर्ष के अंदर 1 करोड़ रुपये से ज्यादा का कैश विद्ड्रॉअल करता है तो उसे 2 फीसदी की दर से टीडीएस देना होगा। हालांकि 1 करोड़ रुपये की थ्रेसहोल्ड लिमिट इनकम टैक्स रिटर्न भरने वालों के लिए है।
जिन लोगों ने पिछले लगातार 3 सालों से आईटीआर फाइल नहीं किया है, उनके लिए बजट 2020 में थ्रेसहोल्ड लिमिट को घटाकर 20 लाख रुपये पर ला दिया गया। यानी नॉन आईटीआर फाइलर्स अगर किसी बैंक/को-ऑपरेटिव बैंक/पोस्ट ऑफिस के सभी अकाउंट्स को मिलाकर 1 वित्त वर्ष में 20 लाख रुपये से ज्यादा की कैश निकासी करते हैं तो उन्हें 2 फीसदी टीडीएस देना होगा।
जो लोग आईटीआर फाइल करते हैं, उनकी बात करें तो अगर किसी के एक से ज्यादा बैंक/पोस्ट ऑफिस/को-ऑपरेटिव बैंक में अकाउंट हैं तो वह हर बैंक/पोस्ट ऑफिस/को-ऑपरेटिव बैंक से एक वित्त वर्ष में 1 करोड़ से ज्यादा का कैश ट्रांजेक्शन बिना 2 फीसदी TDS के कर सकता है। उदाहरण के तौर पर अगर किसी के तीन अलग-अलग बैंकों में तीन अकाउंट हैं तो वह हर बैंक से 1-1 करोड़ रुपये यानी एक वित्त वर्ष में कुल 3 करोड़ रुपये तक का कैश बिना टैक्स कटौती निकाल सकता है।
कैश के अलावा अन्य कोई पेमेंट मोड नहीं आता दायरे में
एक वित्त वर्ष में 1 करोड़ रुपये से ज्यादा के कैश विद्ड्रॉल पर 2 फीसदी TDS का प्रावधान सेक्शन 194N के तहत किया गया है। स्पष्ट कर दें कि 1 करोड़ रुपये सालाना की लिमिट के ऊपर TDS केवल उन्हीं ट्रांजेक्शंस पर कटेगा, जहां कैश निकाला जाएगा। अगर किसी ने बैंक से चेक या ड्राफ्ट या डिजिटल/इलेक्ट्रॉनिक तरीके से पेमेंट लिया है तो TDS नहीं कटेगा क्योंकि कैश में पेमेंट नहीं हुआ।
1 करोड़ मिलाकर पूरे अमाउंट पर नहीं कटता टैक्स
यह भी जान लें कि लिमिट क्रॉस होने पर टैक्स 1 करोड़ रुपये मिलाकर पूरे अमाउंट पर नहीं कटता। अगर कोई अकाउंट से 1 करोड़ रुपये की सालाना लिमिट के ऊपर कैश में ट्रांजेक्शन करता है तो TDS केवल 1 करोड़ रुपये से ऊपर वाले अमाउंट पर लगेगा, न कि 1 करोड़ रुपये मिलाकर पूरे अमाउंट पर।
इन पर लागू नहीं होती 1 करोड़ वाली लिमिट
सेक्शन 194N के तहत कुछ कैटेगरी को 1 करोड़ रुपये की सालाना लिमिट क्रॉस होने के बाद भी अकाउंट से कैश विदड्रॉ करने पर 2 फीसदी TDS से छूट है। इन कैटेगरी में सरकारी संस्था, बैंक, को-ऑपरेटिव सोसायटी, पोस्ट ऑफिस, बैंकिंग कंपनी या को-ऑपरेटिव सोसायटी के बिजनेस कॉरस्पोंडेंट, किसी बैंक के व्हाइट लेबल ATM ऑपरेटर और सरकार द्वारा नोटिफाई किए गए व्यक्ति आते हैं।
-एजेंसियां