चुनाव आयोग के नोटिस पर बुरी तरह बौखलाईं ममता बी

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ चुनाव आयोग के नोटिस की तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने आलोचना की है। बुधवार को सीएम ममता बनर्जी ने भी इस पर पलटवार किया है। उन्होंने दामजूर में एक रैली के दौरान कहा कि मेरे खिलाफ भले ही 10 कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया जाए लेकिन मैं यही अपील करूंगी कि वोट न बंटने पाए। सभी एकजुट होकर मतदान करें। ममता ने सवाल किया कि उन लोगों के खिलाफ कितनी शिकायतें दर्ज की गईं, जिन्होंने नंदीग्राम में मुसलमानों को पाकिस्तानी कहा था?
गौरतलब है कि रायदीधी की एक चुनावी रैली में ममता बनर्जी ने मुस्लिम समुदाय से अपील करते हुए कहा था कि उनके वोट न बंटने पाएं और ने लोग एकमत होकर टीएमसी के पक्ष में मतदान करें। इस पर चुनाव आयोग ने उन्हें नोटिस भेजकर 48 घंटों में जवाब मांगा है। ममता ने आयोग की इस नोटिस पर पलटवार करते हुए कहा, ‘मेरे खिलाफ भले ही 10 कारण बताओ नोटिस जारी कर दिए जाएं, कोई फर्क नहीं पड़ता। मैं कह रही हूं कि वोट न बंटने पाए और लोग एकजुट होकर टीएमसी के पक्ष में मतदान करें।’
वे मेरे खिलाफ कुछ नहीं कर सकतेः सीएम
ममता ने नोटिस को लेकर चुनाव आयोग को भी घेरे में लिया। उन्होंने कहा, ‘उन लोगों के खिलाफ कितनी शिकायतें दर्ज की गईं जिन्होंने नंदीग्राम के मुसलमानों को पाकिस्तानी कहा था? क्या उन्हें शर्म है? वे मेरे खिलाफ कुछ नहीं कर सकते। मैं हिंदुओं, मुसलमानों, सिखों, ईसाईयों और आदिवासियों के भी साथ हूं।’ उन्होंने सवाल किया कि नरेंद्र मोदी के खिलाफ कितनी शिकायतें दर्ज हुईं? वह हर दिन हिंदू-मुस्लिम करते हैं।
ममता के खिलाफ नोटिस पर इससे पहले टीएमसी ने भी चुनाव आयोग की आलोचना की थी। तृणमूल कांग्रेस की प्रवक्ता महुआ मोइत्रा ने कहा कि बीजेपी की शिकायत पर चुनाव आयोग ने ममता दीदी को नोटिस जारी किया। तृणमूल कांग्रेस की शिकायतों पर क्या हुआ? बीजेपी उम्मीदवार की ओर से नकदी बांटने के वीडियो सबूत भी हैं। बीजेपी की बैठकों में हिस्सा लेने के लिए कैश कूपन भी बांटे गए।
-एजेंसियां