ब्रज चौरासी कोस के कामाँ में पहली बार बन रही है नक्षत्र वाटिका

वृंदावन। ब्रज चौरासी कोस के कामाँ ब्रज क्षेत्र में पहली बार एक नक्षत्र वाटिका बनाई जा रही है जिसमें ग्रह-नक्षत्रों के अनुरूप चुनिंदा वृक्षों का आरोपण किया जा रहा है। गत दो दिनों से बिलोंद ग्राम और कामाँ के ब्रजवासी कौतूहल और उत्साह से इस वाटिका के निर्माण में सहयोग कर रहे हैं। वाटिका का निर्माण ईआईएल (Engineers India Limited) के सहयोग से द ब्रज फ़ाउंडेशन (वृंदावन) द्वारा करवाया जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि कोविड काल में द ब्रज फ़ाउंडेशन की समर्पित टीम ने कामाँ के केदारनाथ क्षेत्र में स्थित पौराणिक गौरी कुंड का भव्य जीर्णोद्धार भी इआईएल के सहयोग से किया जिससे पूरे क्षेत्र के लोग ही नहीं बाहर से आने वाले तीर्थ यात्री और संत गण भी बहुत प्रसन्न हैं।

द ब्रज फ़ाउंडेशन के अध्यक्ष विनीत नारायण ने बताया कि इस परियोजना के तहत गौरी कुंड की महीनों गहरी खुदाई की गई है। उसके विशाल घाट का निर्माण किया गया है। कुंड के चारों ओर परिक्रमा मार्ग बनाया गया है। इसमें यात्रियों की सुविधा के लिए पत्थर की बेंचें और छतरियाँ बनाई गई हैं। इसके साथ ही कुंड के चारों ओर सघन वृक्षावली, सिंचाई के लिए पाइपलाइन और बिजली के कलात्मक खम्बे भी लगाए गए हैं।

गौरी कुंड के नव निर्मित घाट के बग़ल में इस कुंड का पौराणिक महत्व दर्शाने वाला एक सांस्कृतिक केंद्र भी बनाया गया है। इस सबके अलावा भी इस क्षेत्र में जनसुविधाओं के अनेक प्रकल्प तैयार किए गए हैं।

श्री नारायण ने अपनी टीम के गौरव गोला, एन एल शर्मा, मनसुख सिंह, आनंद यादव और हेमराज सिंह आदि को इस विषम परिस्थिति में भी गौरी कुंड का जीर्णोद्धार कार्य करवाने के लिए प्रशंसा की है। उन्होंने स्थानीय ब्रजवासियों और ग्राम प्रधान आदि का भी आभार व्यक्त किया है जिन्होंने इस परियोजना में उत्साह से सहयोग किया है और भविष्य में इस पर्यटन क्षेत्र के रखरखाव के लिए तत्पर रहने का आश्वासन दिया है।
– updarpan.com