न्यू जीलैंड दौरे’ पर हवा के रुख से चिंतित हैं अजिंक्य रहाणे

नई दिल्‍ली। भारतीय टीम अपने अगले टेस्ट मिशन के लिए न्यू जीलैंड दौरे की तैयारी कर रही है। टीम इंडिया को यहां पांच टी20 इंटरनेशनल और तीन वनडे मैचों के बाद 21 फरवरी से दो टेस्ट की सीरीज खेलनी है। भारतीय टेस्ट टीम के उपकप्तान अजिंक्य रहाणे इस दौरे पर टीम के तकनीकी पहलुओं पर चिंतित नहीं हैं लेकिन रहाणे मानते हैं कि टीम को वेलिंग्टन और क्राइस्टचर्च की हवा से निपटने की तैयारी करनी होगी, जो गेंद पर हमेशा अपना प्रभाव जमाए रखती है।
टेस्ट क्रिकेट में टीम इंडिया इन दिनों जिस फॉर्म में हैं उसे देखकर ऐसा लगता है कि इस बार टीम के पास एक बार वह इतिहास दोहराने का मौका है, जो उसने 2009 में महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में रचा था।
इस दौरे की चुनौतियों को लेकर इस मिडल ऑर्डर ने बल्लेबाज ने कहा, ‘हम वहां 2014 में खेले थे… वहां हवा का फैक्टर था जो सबसे खास रहा।
मैं मानता हूं कि परिस्थितियों के अभ्यस्त होना सबसे महत्वपूर्ण होगा क्योंकि हवा के चलते यहां अतिरिक्त स्विंग होगी।’
इस टूर के लिए अपनी कमर कस रहे रहाणे यहां कीवियों के लेफ्टआर्म फास्ट बोलर नील वैगनर को चुनौती के रूप में देख रहे हैं। हाल ही में वैगनर ने ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को खूब परेशान किया और इससे पहले उन्होंने इंग्लैंड के बल्लेबाजों के लिए भी मुश्किलें खड़ी की थीं। पिछले 4 टेस्ट में वैगनर 27 विकेट ले चुके हैं।
इस दौरे की चुनौतियों से जुड़े सवाल पर रहाणे ने कहा, ‘चुनौतियों के रूप में आप सिर्फ एक नाम नहीं ले सकते। एक बैटिंग इकाई के रूप में, आपको हर गेंदबाज को सम्मान देना होता है। एक घरेलू टीम के तौर पर वे परिस्थितियां बखूबी समझते हैं और उनके पास इसका एडवान्टेज होगा लेकिन हमारे लिए यह जरूरी है कि हम अपना स्वभाविक खेल खेलें।’
63 टेस्ट में 4112 रन बनाने वाले 31 वर्षीय रहाणे ने न्यू जीलैंड में कीवियों की स्विंग पर नियंत्रण रखने के लिए बताया, ‘वे ट्रेंट बोल्ट और वैगनर के साथ दाएं हाथ के बल्लेबाजों के सामने बॉल अंदर की ओर लाएंगे। ऐसे में अगर हम क्रीज के बाहर खड़े हों तो हमें इसे संभालने में सफलता मिल सकती है। अलग-अलग बॉलिंग का सामना करने के अलग-अलग ढंग होते हैं। कुछ बल्लेबाज स्विंग खत्म करने के लिए क्रीज के बाहर खड़ा होना पसंद करते हैं और क्रीज के बहुत अंदर खड़े होना पसंद करते हैं। कुछ मिडल स्टंप पर गार्ड लेते हैं और कुछ लेग स्टंप पर गार्ड लेते हैं। सभी को अपनी क्षमताओं पर ही टिके रहना चाहिए।’
इस भरोसेमंद बल्लेबाज ने कहा, ‘न्यू जीलैंड में कारगर तरीका यही होगा कि बल्लेबाज जितना संभव हो उतना शरीर के करीब अपने शॉट्स खेले। आपको अपने बेसिक सही रखने की जरूरत है आप अपनी तकनीक पर बहुत ज्यादा नहीं सोच सकते। यह बस इतना ही है कि चीजों को आसान रखा जाए और शरीर के करीब खेला जाए। यहां गति और उछाल अलग होगी।’
-एजेंसियां

The post न्यू जीलैंड दौरे’ पर हवा के रुख से चिंतित हैं अजिंक्य रहाणे appeared first on updarpan.com.