पिछले पैरों पर फुदकने वाला मेंढक कोई मामूली जीव नहीं है, जानिए इसके बारे में

मेंढक एक ऐसा जीव है जिसे देखकर हम इंसान डरते बेशक नहीं हैं, लेकिन इससे दूर रहना पसंद ज़रूर करते हैं। मेंढक दुनिया के लगभग हर हिस्से में नज़र आ जाते हैं। ये शहरों में दिख जाते हैं, गांवों-कस्बों में दिख जाते हैं, पहाड़ों पर दिख जाते हैं, नदियों में दिख जाते हैं, जंगलों में दिख जाते हैं और कई ऐसी जगहें हैं जहां मेंढक दिख जाते हैं। मेंढक को एक डरपोक जीव माना जाता है। लेकिन सच बात तो ये है कि ये उभयचर प्राणी डरपोक नहीं, शर्मीला है। चलिए आज आपको मेंढकों के बारे में कुछ बेहद दिलचस्प जानकारी दे देते हैं।

01- मेंढक दुनिया के उन चुनिंदा जीवों में से एक हैं जो उभयचर जीवों की श्रेणी में आते हैं। उभयचर मतलब ऐसे जीव जो ज़मीन और पानी दोनों में रह सकते हैं। ये पानी के नीचे भी घंटों बिता सकते हैं। वो भी बिना सांस लिए। हालांकि एक तय समय के बाद इन्हें सांस लेने के लिए सतह पर आना ही पड़ता है।

02- मेंढक दुनिया के उन कुछ खास जानवरों में से एक भी है जो अपने आस-पास मौजूद वातावरण के अनुसार अपने शरीर के तापमान को घटा या बढ़ा सकते हैं। यही वजह है कि रेगिस्तानी इलाकों से लेकर वर्षा वनों और बेहद ठंडे इलाकों में भी मेंढक नज़र आ जाते हैं।

03- गर्मियों के मौसम में मेंढक अधिकतर अपना समय ज़मीन के ऊपर बिताते हैं। लेकिन जब ठंड आती है और पारा एकदम से काफी ज़्यादा गिर जाता है तो मेंढक ठंड से बचने के लिए ज़मीन के नीचे चले जाते हैं। खास बात ये है कि मेंढक कई-कई दिनों तक ज़मीन के नीचे रह सकते हैं। वो भी बिना कुछ खाए या पिए।