TRAI ने दी टेलीकॉम कंपनियों को बड़ी राहत, जानिए पूरा मामला

साल 2019 में टेलीकॉम जगत में कई बड़े बदलाव देखने को मिले हैं, जबकि साल के आखिरी महीनों में जबरदस्त हलचल मच गई है. इस साल टेलीकॉम जगत में सबसे बड़ा मुद्दा टैरिफ पारदर्शिता का रहा है जिसे लेकर ट्राई ने टेलीकॉम कंपनियों को बड़ी राहत दी है. ट्राई ने कहा- शुल्क दरों पर प्रकाशन ,में पारदर्शिता के मुद्दे के लिए समय सीमा 23 जनवरी कर दी गई है, पहले इसकी समय सीमा 28 नवम्बर थी.

PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्राई का कहना है कि हितधारकों की मांग के चलते समयसीमा को बढ़ाकर 23 जनवरी कर दिया गया है. बता दें कि, 27 दिसंबर को शुल्क पेशकश के प्रकाशन में पारदर्शिता के विषय में परामर्श पत्र जारी किया था. जिसके 26 दिसंबर तक परामर्शपत्र जारी किए गए. जिसकी समय सीमा 9 जनवरी 2020 रखी गई.

ग्राहक ख़ुशी से झूम उठेंगे

टैरिफ पारदर्शिता का लाभ सीधे-सीधे टेलीकॉम ग्राहकों को होगा. टैरिफ पारदर्शिता के बाद कंपनी को ग्राहकों को योजना का कुल खर्च और उसके लाभ बताने होंगे. जिसके बाद ग्राहकों को चयन करने में आसानी हो जाएगी. इससे वे बेहतर कंपनी और बेहतर योजनाओं का चयन कर सकेंगे. ऐसे में ग्राहक इस खबर को जानकर ख़ुशी से झूम उठेंगे.

इससे पहले ट्राई ने डीटीएच के लिए टैरिफ पारदर्शिता को लागू किया था. भारत में इंटरनेट अन्य देशों के मुकाबले सबसे सस्ता माना जाता है. सामने आई एक रिपोर्ट में भारत में इंटरनेट डेटा की कीमत 0.26 डॉलर है जबकि ब्रिटेन में प्रति जीबे डेटा के लिए 6.66 डॉलर खर्च करने पड़ते हैं. अमेरिका में प्रति जीबी के लिए 12.24 डॉलर खर्च करने पड़ते हैं.