क्या वापसी करेंगे धोनी, शास्त्री बोले- IPL के बाद कुछ भी मुमकिन

टीम इंडिया के हेड कोच रवि शास्त्री ने पूर्व कप्तान और दिग्गज विकेटकीपर बल्लेबाज महेंद्र सिंह धोनी को लेकर बड़ा बयान दिया है. शास्त्री ने कहा, ‘धोनी का ब्रेक लेना समझदारी भरा है मुझे उस समय का इंतजार है. जब वह दोबारा खेलना शुरू करेगा (आईपीएल के आसपास). मुझे नहीं लगता कि वह वनडे क्रिकेट में खेलने को लेकर अधिक उत्सुक है. वह टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले चुका है. टी-20 विकल्प है. यह प्रारूप पूरी तरह से उसके अनुकूल है. लेकिन क्या उसका शरीर कड़ी चुनौतियों का सामना करना पाएगा, इसका जवाब वही दे सकता है.’
शास्त्री का हालांकि मानना है कि राहुल विकल्प के रूप में उभर सकता है क्योंकि वह आईपीएल के अलावा सीमित ओवरों के घरेलू क्रिकेट में कर्नाटक के लिए विकेटकीपिंग करते हैं. यह पूछने पर कि क्या राहुल विकल्प होगा, शास्त्री ने कहा, ‘बेशक वह विकल्प होगा. आपको देखना होगा कि आपका मजबूत पक्ष क्या है. कल मध्यक्रम में ऐसे कुछ खिलाड़ी हो सकते हैं जो आईपीएल में अविश्वसनीय पारियां खेलें.’
शास्त्री ने कहा, ‘इसके अलावा अगर आपके पास कोई ऐसा खिलाड़ी है जो कई काम कर सकता है, जिसे शीर्ष क्रम में उतारा जा सकता है क्योंकि उसके बाद उम्दा बल्लेबाज हैं जो बेहद अच्छा कर रहे हैं तो फिर क्यों नहीं.’ 
यह पूछने पर कि वह पंत से क्या उम्मीद करते हैं, शास्त्री ने कहा, ‘आपको फायदा उठाना होगा. आपकी बल्लेबाजी ठोस होनी चाहिए. आप यह नहीं सोच सकते कि पहली ही गेंद से वह हो जाए जो आप चाहते हैं. नहीं, ऐसा नहीं होगा. खेल आपको सिखाता है. पागलपन की भी एक प्रक्रिया है और आपको यह प्रक्रिया सीखनी होगी.’
वर्ल्ड कप 2019 के सेमीफाइनल में धोनी को बल्लेबाजी के लिए नंबर 7 पर क्यों भेजा गया. इस बारे में रवि शास्त्री ने कहा कि अगर जल्दी गिरते विकेट की वजह से उन्हें उपर भेजा जाता तो खेल और जल्दी खत्म हो जाता. वो नीचे बल्लेबाजी के लिए गए और 48वें ओवर तक क्रीज पर मौजूद रहे. हम मैच भी जीत जाते अगर वो रन आउट नहीं होते. वो दुनिया के बेस्ट फीनिशर के तौर पर जाने जाते हैं, तो उन्हें कहां बल्लेबाजी करनी चाहिए, जहां मैच को फीनिश करने की जरूरत है या फिर उपरी क्रम पर.
वर्ल्ड कप के बाद से मैदान पर नहीं उतरे धोनी
वर्ल्ड कप-2019 के दौरान धोनी अपनी धीमी बल्लेबाजी की वजह से आलोचकों के निशाने पर रहे. वह न्यूजीलैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में रन आउट हो गए थे, जिसके बाद ही भारत की उम्मीदों पर पानी फिर गया था. टीम इंडिया के वर्ल्ड कप से बाहर हो जाने के बाद धोनी ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से ब्रेक ले लिया. उन्होंने इस दौरान टेरिटोरियल आर्मी यूनिट के साथ कश्मीर में 15 दिन बिताए. वह वर्ल्ड कप के बाद से किसी भी इंटरनेशनल क्रिकेट सीरीज का हिस्सा नहीं रहे.
शास्त्री ने कहा था कि धोनी ने देश के लिए कई उपलब्धियां हासिल की हैं. लोग इतनी जल्दी में क्यों हैं कि वह संन्यास ले लें? शायद उनके पास बात करने के लिए कोई और मुद्दा नहीं है. वह खुद और जो भी उन्हें जानते हैं- सभी को पता है वह जल्दी ही इस खेल से दूर हो जाएंगे.
उन्होंने कहा था कि अगले दो सालों के लिए हमारा फोकस अब टी-20 फॉर्मेट पर है. हमें दो टी-20 वर्ल्ड कप (2020 और 2021) में खेलना है. इस टूर्नामेंट के लिए हमारे पास खिलाड़ियों का ग्रुप है. बता दें कि पिछले दिनों कहा गया था कि धोनी ने फिर से प्रैक्टिस शुरू कर दी है और वे जनवरी के बाद टीम इंडिया में वापसी कर सकते हैं.
इसके अलावा बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली के साथ उनके रिश्तों को लेकर भी रवि शास्त्री ने बयान दिया है. रवि शास्त्री ने कहा कि वह सौरव गांगुली की काफी इज्जत करते हैं और जो उनके रिश्तों पर सवाल उठाते हैं उनकी उन्हें कोई परवाह नहीं. 
शास्त्री ने कहा, ‘जहां तक सौरव-शास्त्री की बात है तो यह मीडिया के लिए चाट और भेलपुरी की तरह मिर्च मसाला है.  गांगुली ने क्रिकेटर के तौर पर जो कुछ किया है मैं उसका काफी सम्मान करता हूं. उन्होंने सट्टेबाजी प्रकरण के बाद भारतीय क्रिकेट की कमान सबसे मुश्किल समय में संभाली.’