शौचालय से निकलने वाली गंदगी को नियमित करें साफ़ नही तो, फैल सकती है खतनाक बीमारी

भारत में स्वच्छ भारत अभियान के प्रांरभ होने के बाद से सफाई को लेकर लोगो में जाग​रूकता बड़ी है, इस बढ़ती जागरूकता ने देश में गंदगी को कम किया है. लेकिन इस पूरे अभियान में सबसे महत्वपूर्ण बात है, कचरें को कहां फेका जा रहा है, और किसी तरह फेका जा रहा है. पूरे गांव या शहर का कचरा जिस भी स्थान पर फेका जा रहा है. निश्चत रूप से वह स्थान और वहां का वातावरण पूरी तरह दुषित हो गया होगा. अगर कचरे को संरक्षित और व्य​वस्थित रूप से फेका न गया हो.
गांव हो या शहर हर जगह लोगो ने स्वंय या सरकार की मदद से अपने घरों में शौचालय बनाएं है, ताकि उन्होने खुले में शौच जाने की आवश्यकता न पड़े, लेकिन घर में शौचालय बनवाना ही महत्वपूर्ण नही है. शौचालय को साफ रखना और उससे निकलने वाली गंदगी को किसी टैंक में एकत्र करना और उसे पूरा भर जाने पर तुरंत खाली करना भी बहुत आवश्यक है. क्यो​कि अगर इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही की गई तो, टैंक पूरी तरह भर जाएगा. टैंक के पूरी तरह भर जाने की वजह से उसमें से गंदगी बारह निकलने लगेगी शौचालय चौक हो जाएगा. इस बूरी स्थिति में घर और घर के आसपास महागंदगी की स्थिति निर्मित हो जाएगी. 
घरों के शौचालय की गंदगी को किसी टैंक में एकत्र करना या नाली के माध्यम से बहाना दोनो ही स्थिति में यह बात महत्वपूर्ण है कि इस गंदगी की सफाई हो रही है या नही, अगर सफाई नही हो रही है, तो समझ लीजिए की शौचालय के गंदे टैंक बहने पर कितनी गंदगी फैला सकते है, इसलिए जितना हो सके, इन टैंको को पूरा भरने से पहले खाली करवाए. बरसात के आरंभ होने के पहले निश्चत रूप से एक बार टैंक को पूरी तरह खाली करवाएं क्योकि बरसात के पानी की वजह से अकारण ही टैंक बहने लगते है, और गंदगी बाहर निकलकर बीमारीयों का रूप ले लेती है.