भारत के महान गणितज्ञ वशिष्ठ नारायण सिंह ने की थी NASA की मदद, जानिए

भारत के जाने-माने गणितज्ञ वशिष्ठ नारायण सिंह का निधन 14 नवंबर 2019 को हो गया था| वह 40 साल से मानसिक बीमारी सिज़ोफ्रेनिया से पीड़ित थे| गणितज्ञ वशिष्ठ नारायण महान शख्सियत थे| उनका दुनिया से चले जाना भारत के लिए क्षति है| वह भले ही आज हमारे बीच नहीं है, लेकिन दुनिया उन्हें उनके कार्यों के लिए हमेशा याद रखेंगी| एक वक्त था जहां वह स्पेस एजेंसी नासा में काम करते थे वहीं एक वक्त ऐसा था जहां उनके कई साल गुमनामी में बीते| जानिए उनके बारे में

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– गणितज्ञ वशिष्ठ नारायण सिंह ने महान वैज्ञानिक आइंस्टीन के सापेक्षता के सिद्धांत को चुनौती दी थी| उनके बारे में मशहूर है कि नासा में अपोलो की लांचिंग से पहले जब 31 कंप्यूटर कुछ समय के लिए बंद हो गए तो कंप्यूटर ठीक होने पर उनका और कंप्यूटर्स का कैलकुलेशन एक जैसा ही था|

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– गणितज्ञ वशिष्ठ नारायण सिंह ने 1969 में कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी से पीएचडी की डिग्री हासिल की थी| इसके बाद वह वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी में एसोसिएट प्रोफेसर बन गए| वशिष्ठ नारायण ने नासा में भी काम किया, लेकिन वह 1971 में भारत लौट आए| आपको बता दें, बर्केल यूनिवर्सिटी ने उन्हें ‘जीनियसों का जीनयस’ कहा है| उन्होंने नासा में एक गणितज्ञ के रूप में काम किया था, बाद में उनका मन नहीं लगा था| जिसके बाद उन्होंने पहले IIT कानपुर, बॉम्बे, और फिर ISI कोलकाता में नौकरी की|