इस मंदिर के लड्डू ‘खुफिया रसोई’ में होते हैं तैयार, जानिए पूरा मामला

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ऐसा माना जाता है कि प्रसाद खाने से हमारे मन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और अज्ञानतावश किए गए पापों का नाश होता है। वहीं, प्रसाद का निरादर करने को अशुभ माना जाता है, तभी प्रसाद ग्रहण करते वक्त ध्यान रखा जाता है कि इसका एक भी दाना या बूंद नीचे न गिर जाए। आपको बता दें कि भारत के कुछ मंदिर ऐसे हैं जिनके प्रसाद को दुनिया भर में बेहद ख्याति मिली हुई है। इन मंदिरों में नाम आता है तिरुपति बालाजी के मंदिर का। यहां 300 सालों से तिरुपति बालाजी मंदिर में प्रसाद के रूप में मिलने वाले लड्डूओं का महत्व रहा है। ऐसे में जानते हैं इन लड्डू की खास बातें-

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प्रसाद के रूप में मिलने वाले इस लड्डू का इतिहास 300 साल से भी ज़्यादा पुराना है। इसकी खास बात यह है कि यह कई दिनों तक खराब नहीं होता है और आप इसे आराम से कुछ दिनों तक खा सकते हैं। साथ ही इसकी कीमत भी 10 रूपये से लेकर 25 रूपये तक है।

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बालाजी में चढ़ने वाले लड्डू एकदम ताजा होते हैं। हर दिन यहां करीब तीन लाख लड्डू तैयार किये जाते हैं। इसलिए लड्डू बनाने के लिए एक खास जगह तय की गई है। साथ ही इसे बनाने वाले रसोइया भी अलग हैं। इस ख़ुफिया रसोई को ‘पोटू’ कहते हैं। यहां केवल मंदिर के पुजारी और कुछ खास लोग ही जाते हैं। यहां सबके जाने पर पाबंदी है। यहां साफ-सफाई का खास ख्याल रखा जाता है।