यहाँ आज भी सुरक्षित है गुरु नानक द्वारा लिखी गई गुरु ग्रंथ साहिब, जिसमे है अमिट स्वर्ण स्याही बनाने का रहस्य

 पूरे देश में आज सिख धर्म के पहले गुरु श्री गुरुनानक देव जी महाराज का 550वां प्रकाश पर्व उमंग उत्साह से मनाया जा रहा है. मध्य प्रदेश के होशंगाबाद का प्रकाश पर्व अपने आप में विशेष माना जाता है. दरअसल, प्राचीन काल में स्वर्ण स्याही से श्री गुरु नानक जी द्वारा लिखी गई अमर गुरुमुखी वाणी जिस ग्रन्थ के 1430 पन्नों में दर्ज है वह ग्रन्थ साहिब नर्मदा तट पर स्थित श्री गुरु ग्रन्थ साहिब गुरु सिंह सभा गुरुद्वारा में आज भी रखी हुई है.
तक़रीबन 350 वर्ष पूर्व धर्म प्रचार करते हुए होशंगाबाद में आए गुरु नानक जी ने नर्मदा किनारे मंगलवारा घाट पर राजा हुशंगशाह के बगीचे में काफी समय व्यतीत किया था. इस दौरान गुरुवाणी में मिले मंत्रों को पंजाब के कीरतपुर साहिब के ग्रन्थ साहिब में अंकित किया था. यह सिख लोगों का दूसरा हस्तलिखत ग्रन्थ है. जिसमें अमिट सवर्ण स्याही बनाने का रहस्य भी दर्ज हैं. 

गुरुद्वारा सेवक राजपाल चड्डा ने बताया है कि सन 1718 में इस ग्रन्थ को लिखा गया था. इसमें गुरु नानक जी द्वारा बताए गए मंत्र स्तुति पंजाबी लिपि में दर्ज हैं. जानकार बताते हैं कि यह जगह पाकिस्तान के करतारपुर से भी अधिक महत्वपूर्ण है. 1430 पन्नों के ग्रन्थ के आखिरी पन्ने में स्वर्ण स्याही बनाने का रहस्य के बारे में जानकारी दी गई है.