महाराष्ट्र की सियासी जंग में कांग्रेस आगे, सोनिया गाँधी के हाथों में सत्ता की चाबी

महाराष्ट्र में सरकार के गठन पर छाए असमंजस के बादल छंटते हुए नज़र आ रहे हैं. शिवसेना सांसद अरविंद सावंत ने मोदी कैबिनेट से इस्तीफा देकर एनडीए से संबंध टूटने का सबूत दे दिया है. वहीं, अपनी शर्त मंजूर होने के बाद NCP ने भी स्पष्ट कर दिया है कि वह शिवसेना के साथ मिलकर महाराष्ट्र में वैकल्पिक सरकार देने के लिए राजी है, किन्तु एनसीपी का अंतिम फैसला कांग्रेस पर निर्भर करेगा. 
ऐसे में महाराष्ट्र में सत्ता के ताले की चाबी अब सबसे कम सीटें जीतने वाली कांग्रेस और उसकी अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी के हाथों में आ चुकी है. इस मसले पर कांग्रेस ने दिल्ली में शाम 4 बजे एक मीटिंग बुलाई है, जिसमें समर्थन को लेकर फैसला लिया जाएगा. इस बैठक में महाराष्ट्र के वरिष्ठ नेताओं को भी बुलाया गया है. इन नेताओं में पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण, अशोक चव्हाण, सुशील कुमार शिंदे, केसी पाडवी और विजय वडेट्टीवार मौजूद रहेंगे.

इससे पहले सोमवार सुबह हुई कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक के बाद मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा है कि महाराष्ट्र पर विस्तार से वार्ता हुई है और आगे की वार्ता के लिए महाराष्ट्र के वरिष्ठ नेताओं को दिल्ली बुलाया गया है, जिसमें सरकर को लेकर निर्णय लिया जाएगा. वहीं, दूसरी ओर  सोमवार को ही मुंबई में कांग्रेस की सहयोगी एनसीपी कोर कमेटी की मीटिंग हुई. इस बैठक के बाद एनसीपी नेता नवाब मलिक ने बताया है कि एनसीपी कांग्रेस से बात करके ही निर्णय लेगी.