Shiv Sena सांसद अरविंद सावंत का मोदी कैबिनेट से इस्तीफ़ा

नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री अरविंद सावंत ने नरेंद्र मोदी की कैबिनेट से इस्तीफ़ा दे दिया है. वो Shiv Sena के लोकसभा सांसद हैं. सावंत मोदी सरकार में भारी उद्योग मंत्री थे. अरविंद सावंत ने ट्वीट कर इस्तीफ़े की घोषणा की है.
अरविंद सावंत ने ट्वीट कर कहा, ”Shiv Sena सच के साथ है. इस माहौल में दिल्ली में सरकार में बने रहने का क्या मतलब है? इसीलिए मैं केंद्रीय मंत्री के पद से इस्तीफ़ा दे रहा हूं.”
अरविंद सावंत के इस्तीफ़े के बाद Shiv Sena नेता संजय राउत ने कहा, ”भारतीय जनता पार्टी ने रविवार को राज्यपाल से कहा कि Shiv Sena उनके साथ आने के लिए तैयार नहीं है इसलिए वो विपक्ष में बैठेगी. यह बीजेपी का अहंकार है. वो सरकार बनाने के लिए तैयार नहीं है क्योंकि मुख्यमंत्री पद ढाई साल देने के लिए तैयार नहीं है. बीजेपी ने महाराष्ट्र की जनता का अपमान किया है. जब बीजेपी Shiv Sena के साथ सरकार बनाने के लिए तैयार नहीं है तो हम एनडीए में कैसे रहेंगे. अरविंद सावंत को उद्धव ठाकरे ने आदेश दिया था कि वो मंत्रिमंडल से इस्तीफ़ दे दें.
इस इस्तीफ़े के साथ ही उम्मीद की जा रही है कि Shiv Sena महाराष्ट्र में एनसीपी और कांग्रेस के सहयोग से सरकार बनाने जा रही है. एनसीपी ने शर्त रखी थी कि शिव सेना पहले एनडीए से बाहर होगी तब समर्थन मिलेगा.
संजय राउत ने कहा, ”एनसीपी हो या कांग्रेस, वो कल तक बात कर रही थीं कि किसी भी हालत में बीजेपी का मुख्यमंत्री नहीं होना चाहिए. अब इन पार्टियों की परीक्षा की घड़ी है कि वो सामने आएं क्योंकि Shiv Sena आगे निकल चुकी है. मुख्यमंत्री Shiv Sena का ही होगा.”
कांग्रेस और एनसीपी से Shiv Sena की विचारधारा नहीं मिलने के सवाल पर संजय राउत ने कहा कि बीजेपी इस पर सवाल न पूछे. राउत ने कहा कि क्या महबूबा मुफ़्ती और बीजेपी में वैचारिक समानता थी?
एनसीपी नेता और सांसद सुप्रिया सुले ने महाराष्ट्र की राजनीति के हालिया घटनाक्रम पर कहा कि सरकार बनाना हम सबकी ज़िम्मेदारी है और इसी पर हम बैठक करने जा रहे हैं.
एनसीपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता नवाब मलिक ने कहा था कि बीजेपी-एनडीए से गठबंधन तोड़ने और एक न्यूनतम एजेंडा बनाने पर ही एनसीपी Shiv Sena को समर्थन देगी.
बीजेपी ने इस घटनाक्रम पर कहा है कि अगर शिव सेना जनादेश का अपमान कर एनसीपी और कांग्रेस के साथ सरकार बनाना चाहती है तो उसे शुभकामनाएं.
महाराष्ट्र बीजेपी प्रमुख चंद्रकांत पाटिल ने कहा, ”महाराष्ट्र के लोगों ने जनादेश बीजेपी-शिव सेना गठबंधन को दिया था. हम अकेले सरकार नहीं बना सकते.”
महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने शुक्रवार को राज्य की सबसे बड़ी पार्टी बीजेपी को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया था लेकिन बीजेपी ने बहुमत नहीं होने के कारण सरकार बनाने से इनकार कर दिया था. इसके बाद रविवार रात राज्यपाल ने दूसरी बड़ी पार्टी शिव सेना को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया.
हालांकि शिव सेना के पास भी 56 विधायक ही हैं जबकि सरकार बनाने के लिए 146 विधायकों का समर्थन चाहिए. ऐसे में शिव सेना को एनसीपी और कांग्रेस दोनों का समर्थन चाहिए. इसी समर्थन को लेकर एनसीपी ने शिव सेना के सामने शर्त रखी थी. कहा जा रहा है कि कांग्रेस शिव सेना और एनसीपी की सरकार को बाहर से समर्थन दे सकती है.
राज्यपाल के आमंत्रण के बाद शिव सेना ने रविवार देर रात बैठक बुलाई थी. शिव सेना नेता संजय राउत ने कहा है कि किसी भी क़ीमत पर राज्य में शिव सेना का मुख्यमंत्री होगा. राज्य के कार्यवाहक मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को इस्तीफ़ा दे दिया था. शनिवार को ही महाराष्ट्र विधानसभा का कार्यकाल ख़त्म हो गया था.
बीजेपी और शिव सेना में पिछले 25 सालों से गठबंधन था. पिछले महीने हुए विधानसभा चुनाव में इस गठबंधन को बहुमत भी मिला था लेकिन शिव सेना की मांग थी कि पाँच साल के कार्यकाल में ढाई साल मुख्यमंत्री का पद उसके पास होगा.
बीजेपी इसे मानने को तैयार नहीं हुई. 288 सदस्यों वाली महाराष्ट्र विधानसभा में बीजेपी के 105 और शिव सेना के 56 विधायक हैं. प्रदेश में एनसीपी और कांग्रेस तीसरे और चौथे नंबर पर हैं. एनसीपी के 54 विधायक हैं और कांग्रेस के 44.
-BBC

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