सुप्रीम कोर्ट ने दुष्कर्म के बाद छात्रा व प्रेमी की हत्या के दोषी की फांसी रोकी

तमिलनाडु के कॉलेज में दुष्कर्म के बाद छात्रा व उसके प्रेमी की हत्या के मामले में मद्रास हाईकोर्ट से मिली फांसी की सजा पर शुक्रवार को रोक लगा दी। थेनी जिले के सुरूली जिले में 2011 में कट्ठावेलाई उर्फ देवाकर ने दुष्कर्म के बाद पीड़िता व उसके प्रेमी की निर्ममता से हत्या कर दी थी।

मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै पीठ ने इस साल 11 मार्च को देवाकर को फांसी की सजा सुनाई थी जिसे उसने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी।सीजेआई रंजन गोगोई , जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस सूर्यकांत की पीठ ने देवाकर की विशेष अवकाश याचिका को स्वीकार करते हुए फांसी की सजा पर रोक लगा दी।

अप्रैल में शीर्ष कोर्ट ने निचली अदालत द्वारा 27 मार्च को जारी फांसी के वारंट को भी खारिज कर दिया था। पीठ ने कहा, सभी कानूनी मौके उपलब्ध कराये बिना देवाकर को फांसी नहीं दी जा सकती। देवाकर ने तब हाईकोर्ट के फैसले पर एसएलपी दाखिल नहीं की थी।