न किसी की जीत, न किसी की हार… फिर भी अपने-अपने विचार

नई दिल्‍ली। ‘न मेरी जीत न तुम्हारी हार, कोर्ट ने जो दिया, वह स्वीकार।’ 70 वर्षों से चल आ रहा रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद का विवाद सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के साथ आखिरकार खत्म हुआ। सुप्रीम कोर्ट ने रामलला विराजमान के पक्ष में फैसला सुनाते हुए कहा कि सुन्नी वक्फ बोर्ड को कहीं और 5 एकड़ की जमीन दी जाए। इसके साथ ही कोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया है कि वह मंदिर निर्माण के लिए 3 महीने में ट्रस्ट बनाए। इस ‘सुप्रीम’ फैसले पर प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गई हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि ये समय हम सभी के लिए भारतभक्ति की भावना को सशक्त करने का है। देशवासियों से मेरी अपील है कि शांति, सद्भाव और एकता बनाए रखें।
देश के सर्वोच्च न्यायालय ने अयोध्या पर अपना फैसला सुना दिया है। इस फैसले को किसी की हार या जीत के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। रामभक्ति हो या रहीमभक्ति, ये समय हम सभी के लिए भारतभक्ति की भावना को सशक्त करने का है। देशवासियों से मेरी अपील है कि शांति, सद्भाव और एकता बनाए रखें। हमारे देश की हजारों साल पुरानी भाईचारे की भावना के अनुरूप हम 130 करोड़ भारतीयों को शांति और संयम का परिचय देना है। भारत के शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व की अंतर्निहित भावना का परिचय देना है।
-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
श्रीराम जन्मभूमि पर सर्वसम्मति से आए सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का मैं स्वागत करता हूं। मैं सभी समुदायों और धर्म के लोगों से अपील करता हूं कि हम इस निर्णय को सहजता से स्वीकारते हुए शांति और सौहार्द से परिपूर्ण ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के अपने संकल्प के प्रति कटिबद्ध रहें।
-अमित शाह, केंद्रीय गृह मंत्री
दशकों तक चली कानूनी लड़ाई का फैसला आ गया है। पुरानी बातों को भुलाकर मिलजुल कर मंदिर निर्माण कराया जाए। कोर्ट ने मस्जिद निर्माण के लिए जो बात कही है, वह जमीन सरकार को देनी है, सरकार इस बात को तय करेगी कि उनको जमीन कहां देनी है। जैसा कोर्ट का निर्णय स्पष्ट था, वैसा ही मेरा मत भी साफ है।
-मोहन भागवत, आरएसएस सरसंघचालक
यह मसला बहुत अहम था, जो अब खत्म हो गया। मैं खुश हूं कि आखिरकार सुप्रीम कोर्ट ने आखिरकार फैसला दे दिया। मैं कोर्ट के फैसले का सम्मान करता हूं।
-इकबाल अंसारी, मुस्लिम पक्षकार
आज के इस दिव्य निष्पक्ष फैसले का हर समुदाय ने स्वागत किया। इस राष्ट्र की महानता है। मैं आडवाणी जी के घर मत्था टेकने आई थी। आडवाणी जी की बदौलत ही यहां तक पहंचे। मैंने अयोध्या के आंदोलन में अपनी पूरी भागीदारी दी थी।
-बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी से मुलाकात के बाद उमा भारती
यह एक ऐतिहासिक फैसला है। भव्य राम मंदिर बनेगा। मुस्लिम पक्ष को वैकल्पिक भूमि आवंटित करने का निर्णय स्वागत योग्य है, मेरा मानना है कि हिंदू भाइयों को मस्जिद के निर्माण में भी मदद करनी चाहिए।
-योग गुरु बाबा रामदेव
अब वहां एक भव्य मंदिर निर्माण की प्रक्रिया पर ध्यान दिया जाना चाहिए। मंदिर निर्माण में सबका सहयोग हो। यह मंदिर राष्ट्रीय एकता, अखंडता और स्वाभिमान का प्रतीक बने।
-मुरली मनोहर जोशी, वरिष्ठ बीजेपी नेता
परमपूज्य बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के धर्मनिरपेक्ष संविधान के तहत माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद के सम्बंध में आज आम सहमति से दिए गए ऐतिहासिक फैसले का सभी को सम्मान करते हुए अब इसपर सौहार्दपूर्ण वातावरण में ही आगे का काम होना चाहिए ऐसी अपील व सलाह है।
-मायावती, बीएसपी सुपीमो
यह एक ऐतिहासिक फैसला है, मैं इसका स्वागत करता हूं। यह मामला लंबे समय से चल रहा था और आखिरकार यह एक निष्कर्ष पर पहुंच गया है। समाज में शांति और सद्भाव बनाए रखा जाना चाहिए।
-श्री श्री रविशंकर
सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ गया है, हम राम मंदिर निर्माण के पक्ष में हैं। इस फैसले ने न केवल मंदिर के निर्माण के लिए दरवाजे खोले बल्कि इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने के लिए बीजेपी और अन्य लोगों के लिए दरवाजे भी बंद कर दिए।
-रणदीप सुरजेवाला, कांग्रेस प्रवक्ता
अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला सामाजिक ताने बाने को और मजबूत करेगा। मैं लोगों से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील करता हूं।
-राजनाथ सिंह, केंद्रीय रक्षा मंत्री
इसके बदले हमें 100 एकड़ जमीन भी दे तो कोई फायदा नहीं। हमारी 67 एकड़ जमीन पर पहले से ही अधिग्रहण किया हुआ है तो हमको दान में क्या दे रहे हैं वह? 67 जमीन लेने के बाद 5 एकड़ दे रहे हैं। यह कहां का इंसाफ है?
-कमल फारूकी, ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड
माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय का स्वागत है, देश की एकता और सद्भाव बनाए रखने में सभी सहयोग करें, उत्तर प्रदेश में शांति, सुरक्षा और सद्भाव का वातावरण बनाए रखने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है।
-योगी आदित्यनाथ (यूपी के मुख्यमंत्री)
राम की जीत नहीं बल्कि पूरी मानवता की जीत है। यह आस्था की जीत है, भारत की जीत है।
-देवकी नंदन ठाकुर
सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद SC की बेंच के पांचों जजों ने एकमत से आज अपना निर्णय दिया। हम SC के फैसले का स्वागत करते हैं। कई दशकों के विवाद पर आज SC ने निर्णय दिया। वर्षों पुराना विवाद आज खत्म हुआ। मेरी सभी लोगों से अपील है कि शांति एवं सौहार्द बनाए रखें।
-अरविंद केजरीवाल, दिल्ली सीएम
इस फैसले से सभी साधु-संत खुश हैं। साधु-संत इसी फैसले की उम्मीद कर रहे थे। सुप्रीम कोर्ट ने विवादित भूमि रामलला विराजमान को दे दी है। सुप्रीम कोर्ट ने मुस्लिम भाइयों को 5 एकड़ जमीन मस्जिद बनाने के लिए दी है। कोर्ट के इस फैसले का भी अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद स्वागत करता है।
-महंत नरेंद्र गिरी, अखाड़ा परिषद
सुप्रीम कोर्ट ने जो फैसला दिया है वह सर्वमान्य है, हम सबका न्याय व्यवस्था में विश्वास है, लंबे समय से चल रहे विवाद का निपटारा हुआ है, यह अच्छी बात है।
-पूर्व केंद्रीय संस्कृति राज्य मंत्री डॉ. महेश शर्मा
अयोध्या में शांति-व्यवस्था कायम रहनी चाहिए। हम इसका खास ख्याल रखेंगे क्योंकि हम देश के नागरिक हैं यह हमारी जिम्मेदारी है। सत्य की जीत हुई है। हम फैसले का स्वागत करते हैं।
– शरद शर्मा, वीएचपी
अयोध्या मामले का फैसला विरोधाभासी है। हम फैसले से संतुष्ट नहीं है हालांकि हम फैसले को पूरा सम्मान देते हैं। आगे की कार्यवाही पर फैसला लेंगे। मैं देश के लोगों से अपील करता हूं कि किसी तरह का विवाद न उत्पन्न करें।
-जफरयाब जिलानी, मुस्लिम पक्ष के वकील
पूर्व भारतीय क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग ने जय श्री राम लिखते हुए भगवान राम की तस्वीर पोस्ट की है।
सभी को सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करें और शांति व्यवस्था बनाए रखें।
-केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी
सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सभी को स्वागत करना चाहिए, यह सामाजिक सौहार्द के हित में है। इस मुद्दे पर आगे कोई विवाद नहीं होना चाहिए, यह मेरी लोगों से अपील है।
-नीतीश कुमार, बिहार मुख्यमंत्री
-एजेंसियां

The post न किसी की जीत, न किसी की हार… फिर भी अपने-अपने विचार appeared first on updarpan.com.