क्या है SPG सुरक्षा? जो सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से हटाई जाएगी


विशेष सुरक्षा दल (SPG) देश की सबसे पेशेवर और आधुनिकतम सुरक्षा बलों में से एक है। इसका मुख्यालय नई दिल्ली में है। एसपीजी देश के प्रधानमंत्री के साथ भारत दौरे पर आए अति विशिष्ट अतिथि की सुरक्षा का जिम्मा संभालती है। इसके अलावा गांधी परिवार को भी ये सुरक्षा दी हुई थी जिसे आज ही गृह मंत्रालय ने SPG सुरक्षा हटाने का फैसला किया है। गांधी परिवार को अब Z+ सुरक्षा दी जाएगी।

स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (Special Protection Group) को अमेरिकी राष्ट्रपति के बराबर माना जाता है। एसपीजी को 02 जून, 1988 में भारत की संसद के एक अधिनियम द्वारा बनाया गया था। इसके जवानों का चयन पुलिस, पैरामिलिट्री फोर्स (BSF, CISF, ITBP, CRPF) से किया जाता है। एसपीजी को देश की सबसे पेशेवर एवं आधुनिकतम सुरक्षा बलों में एक माना जाता है।

किसे मिलती है यह सुरक्षा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा एसपीजी गांधी परिवार के सदस्यों की सुरक्षा करती थी लेकिन आज इसे हटा दिया गया है। एसपीजी कमांडो हर जगह, हर समय सुरक्षा में लगे होते हैं। आमतौर पर पूर्व प्रधानमंत्री को पांच साल तक ये सुरक्षा प्रदान करती है फिर इसकी समीक्षा की जाती है। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और उनके परिवार की एसपीजी सुरक्षा खत्म करके उन्हें भी जेड प्लस सुरक्षा दी गई है।
जानें किन-किन चीजों से लैस होते हैं SPG कमांडोज
एसपीजी के कमांडोज ऑटोमेटिक गन FNF-2000 असॉल्ट राइफल से लैस होते हैं। इनके पास ग्लोक 17 नाम की एक पिस्टल भी होती है और ये एक लाइट वेट बुलेटप्रूफ जैकेट पहनते हैं। ये हाई ग्रेड बुलेटप्रूफ वेस्ट पहने होते हैं, जो लेवल-3 केवलर की होती है जिसका वजन 2.2 किग्रा होता है और यह 10 मीटर दूर से एके 47 से चलाई गई 7.62 कैलिबर की गोली को भी झेल सकती है।
साथी कमांडो से बात करने के लिए ये कान में लगे ईयर प्लग या वॉकी-टॉकी का सहारा लेते हैं। इनके जूते भी काफी अलग होते हैं जो किसी भी जमीन पर नहीं फिसलते। ये खास तरह के दस्ताने पहनते हैं जिससे चोट से उनका बचाव होता है। ये कमांडोज चश्मा भी पहनते हैं, जो उनकी आखों को हमले से बचाते हैं और किसी भी प्रकार का डिस्ट्रैक्शन नहीं होने देता हैं।
33 साल का गौरवशाली इतिहास
एसपीजी अधिकारियों को अब तक 01 शौर्य चक्र, प्रतिष्ठित सेवा देने के लिए 39 राष्ट्रपति पुलिस पदक और 297 पुलिस पदक सराहनीय सेवा देने के लिए प्रदान किए गए हैं। एसपीजी ने गौरवशाली इतिहास के 33 वर्ष पूरे कर लिए हैं।
SPG कमांडोज को वर्ल्ड क्लास ट्रेनिंग से गुजरना पड़ता है
एसपीजी के कमांडोज को वर्ल्ड क्लास ट्रेनिंग से गुजरना पड़ता है। ये वही ट्रेनिंग है जो युनाइटेड स्टेट सीक्रेट सर्विस एजेंट्स को दी जाती है। हमले की सूरत में सेकंड कार्डन की जिम्मेदारी होती है कि वह पीएम के चारों ओर घेरा बनाकर खड़े जवानों को सिक्यॉरिटी कवर दें ताकि पीएम को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। इनके साथ पीएम के काफिले में एक दर्जन गाड़ियां होती हैं, जिसमें बीएमडब्ल्यू 7 सीरीज की सिडान, 6 बीएमडब्ल्यू एक्स3 और एक मर्सिडीज बेंज होती है। इसके अलावा मर्सिडीज बेंज ऐंम्बुलेंस, टाटा सफारी जैमर भी इस काफिले में शामिल होती है।