अयोध्या मामले में हुआ ये बड़ा खुलासा, जानकर हो जाएंगे हैरान

मिली जानकारी के अनुसार, माधव गोडबोले ने दावा किया है कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के समय राम मंदिर विवाद का समाधान हो सकता था. आपको बता दें कि 1992 में नरसिम्हा राव प्रधानमंत्री थे, उस वक्त माधव गोडबोले गृह सचिव के पद पर थे. 1986 में राजीव गांधी सरकार ने बाबरी मस्जिद के ताले खोलने के आदेश दिए थे, 6 दिसंबर 1992 को विवादित ढांचा गिराया गया था.

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आपको बता दें कि राममंदिर-बाबरी विवाद को लेकर पूर्व गृह सचिव माधव गोडबोले ने बीते रविवार को एक खुलासा किया। गोडबोले ने प्रेस से खास बातचीत में कहा कि 1992 में बाबरी मस्जिद की सुरक्षा के लिए हमने उत्तर प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लागू करने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन तत्कालीन प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव प्रेसिडेंट रूल पर अपनी शक्तियों को लेकर संशय में थे। गोडबोले 1992 में गृह सचिव के पद पर थे और उन्होंने ‘द बाबरी मस्जिद-राम मंदिर डिलेमा: एन एसिड टेस्ट फॉर इंडियन कॉन्स्टिट्यूशन’ नामक किताब लिखी है।