देवउठनी एकादशी पर नहीं करने चाहिए ये 4 काम, जानिए

इस बार देवउठनी का पर्व 8 नवंबर यानी कल मनाया जाएगा। यह त्योहार हर साल कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी के दिन मनाया जाता है। इस दिन भगवान विष्णु अपनी लंबी निद्रा से जगते हैं और सारा काम संभालते हैं। इस कारण से इस खास दिन भगवान विष्णु की पूजा विधि-विधान से की जाती है।
यह मान्यता है कि देवउठनी के दिन विष्णु भगवान की पूजा करने से जिंदगी के सभी कष्टों से छुटकारा मिल जाता है। किसी भी मांगलिक कार्यों की शुरूआत करने के लिए यह दिन काफी शुभ माना जाता है। तो आइए जानते हैं कि देवउठनी के दिन ऐसे कौन से कार्य हमें करने से बचना जरूरी है |

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1.दीपदान करना शुभ
इस खास दिन पर रात के समय अखंड दीपक जलाएं साथ ही घर की छत पर कुछ दीपक और भी जलाएं। ध्यान रखें इस रात घर के किसी भी कोने में अंधेरा नहीं होना चाहिए। महत्वपूर्ण बात यह भी है इस दिन दीपदान करने से सुख समृद्घि में वृद्घि होती है।

2.नहीं तोडऩा चाहिए तुलसी का पत्ता

एकादशी के दिन गलती से भी तुलसी का पत्ता नहीं तोडऩा चाहिए। क्योंकि इस दिन माता तुलसी और भगवान विष्णु के शालिग्राम रूप का विवाह होता है। इस दिन तुलसी के पौधे के नीचे दीया जलाना चाहिए।

3.चावल का प्रयोग है वर्जित

शास्त्रों में एकादशी के दिन चावल या चावल से बनी चीजों को खाने को मना किया जाता है। कहा जाता है कि इस दिन चावल खाने वाला इंसान रेंगने वाले जीव की योनि में पैदा होता है। वहीं द्वादशी को चावल खाने से इस योनि से छुटकारा मिल जाता है।

4.नहीं करना चाहिए तामसिक पदार्थ का सेवन

 पुराणों में ऐसा कहा गया है कि इस दिन जो लोग व्रत नहीं भी कर रहे उन लोगों को प्याज,लहसुन,मांस,अंडे जैसे तामसिक पदार्थ का सेवन करने से परहेज करनी चाहिए। इस दिन शारीरिक संबंध रखना भी बिल्कुल अच्छा नहीं माना जाता है।