अब व्हाटसएप और ईमेल पर भेज सकेंगे धड़कने, जल्द लॉन्च होगा ये स्मार्ट स्टेथोस्कोप

वैसे तो सोशल मीडिया में आमतौर पर चैट्स, फोटोज ओर अन्य चीजों में कामक आता है पर क्या आपको पता है इसके जरिये हम किसी को जीवन दान भी दें सकते है, जी हाँ यह बात बिलकुल सत्य है कि आप एक सोशल मीडिया में जरिये किसी को भी जीवन दान दें सकते है, हाल ही में आईआईटी बॉम्बे के छात्रों ने एक खास तरह का स्टेथोस्कोप बनाया है, जिसके जरिए लोग अपनी दिल की धड़कन को ई-मेल के जरिए किसी को भी भेज सकेंगे. यूजर्स को इस डिवाइस में इंटरनेट और ब्लूटूथ का सपोर्ट मिलेगा. साथ ही इस डिवाइस के यूजर्स हृदय की धड़कन को रिकॉर्ड कर ई-मेल या व्हाट्सएप के माध्यम से डॉक्टर तक पहुंचा जायेगा. जानकारी है कि वहीं, इस स्मार्ट स्टेथोस्कोप को आयु सिंक का नाम दिया गया है. इस स्टेथोस्कोप को खास तौर पर ग्रामीण इलाकों के लिए तैयार किया गया है. यहां नर्स या डॉक्टर मरीज की रिपोर्ट विशेषज्ञ को भेजकर इलाज के लिए सलाह लें सकते है.
इन जगहों पर उपयोग होगा स्टेथोस्कोप: मिली जानकारी के अनुसार डॉक्टर्स ग्रामीण क्षेत्रों में इस स्टेथोस्कोप के जरिए मरीजों की बीमारी और बच्चों के दिल में छेद का पता लगा सकेंगे. विशेषज्ञों का मानना है कि इस डिवाइस से गांव में रहने वाले लोगों का बेहतर तरीके से इलाज होगा. वहीं, यह डिवाइस आम स्टेथोस्कोप के मुकाबले 35 गुना बेहतर है. आयु सिंक को खास एप आयु शेयर से इस्तेमाल किया जाएगा. इसका निर्माण करने वाले टीम के सदस्य तपस पांडे ने कहा है कि आयु शेयर एप से लोगों की धड़कन को रिकॉर्ड किया जायेगा.

स्क्रीनिंग से आसानी से मिलेगा इलाज: ऐसा कहा जा रहा है कि खास तकनीक वाले स्टेथोस्कोप से दूसरे शहर में बैठे डॉक्टर्स गावं में मरीज की धड़कन सुन सकते हैं. साथ ही डॉक्टर्स स्क्रीनिंग के जरिए गांव में मौजूद स्टाफ को मरीज के इलाज के लिए गाइड कर सकेंगे. इसके अलावा इस डिवाइस से मरीज के दिल की धड़कन का फोनो कार्डियो ग्राफ भी बन जाता है, जिससे ध्वनि की गति को समझ सकते है. वहीं, इस डिवाइस की कीमत 14,000 रुपये है. महाराष्ट्र स्वास्थ्य विभाग ने अभी सिर्फ 100 स्टेथोस्कोप बनाए हैं, जिनको तीन ग्रामीण इलाकों में जा सकता है.