बौद्धिक संपदा अधिकार देश के विकास के लिए आवश्यक: सचिन गुप्ता

मथुरा। संस्कृति विश्वविद्यालय के अभियांत्रिकी विभाग के संकाय सदस्यों ने ६ नए पेटेंट एप्लीकेशन रजिस्ट्रार ऑफ़ पेटेंट्स ऑफ़ इंडिया के पास फाइल किये हैं। संस्कृति विश्वविद्यालय ने शोध के दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए छात्रों एवं संकाय सदस्यों को प्रोत्साहित करते रहने का निर्णय लिया है।

संस्कृति विश्वविद्यालय के मैकेनिकल इंजीनियरिंग ने डायग्नोसिस एंड मेंटेनेंस सिस्टम फॉर ऑटोमोबाइल्स पर पेटेंट फाइल किया है। इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग ने कॉम्पैक्ट इलेक्ट्रिसिटी जेनरेटिंग डिवाइस एवं ऑप्टीमल पावर जनरेटिंग डिवाइस का पेटेंट करने के लिए आवेदन किया है। डिपार्टमेंट ऑफ़ केमिस्ट्री ने एग्जॉस्ट गैस फिल्ट्रेशन सिस्टम को पेटेंट करने के लिए आवेदन पत्र जमा किया है। मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग ने ड्रायर कम वाटर हीटिंग सिस्टम तथा क्लॉसर सिस्टम फॉर प्रेशर वेसल्स पर पेटेंट फाइल किया है।

कुलाधिपति सचिन गुप्ता ने अपने बधाई सन्देश में सभी संकाय सदस्यों को उनके शोध, अन्वेषण कार्यो की सराहना करते हुए कहा कि शोध, अन्वेषण, उन्नयन आदि कार्य उनके नित्य दिन की दिनचर्या में शामिल रहनी चाहिए ताकि संस्कृति विश्वविद्यालय एवं इसके सभी संकाय सदस्य तेज गति से शोध कर उसका बौद्धिक संपदा अधिकार अपने नाम रजिस्टर करा सकें। उन्होंने सभी संकाय सदस्यों को शोध में नई ऊंचाइयां छूने की शुभकामना भी दीं।

उप कुलाधिपति राजेश गुप्ता ने कहा कि शोध, प्रकाशन एवं पेटेंट फाइल करने की परंपरा को स्थापित करते हुए सभी फैकल्टी मेंबर्स को छात्र एवं छात्राओं को भी शोध, शोध पत्र लेखन, अन्वेषण, एवं अन्य संलग्न कार्यों में शामिल कर उनके ज्ञान और कौशल में विकास लाने के लिए दृढ़प्रतिज्ञ रहना चाहिए।

ओ एस डी श्रीमती मीनाक्षी शर्मा ने सभी संकाय सदस्यों को अधिक से अधिक शोध पत्रों के प्रकाशन, पेटेंट फाइलिंग, नई बिज़नेस इन्क्यूबेशन एवं कमर्श‍िअलाइजेशन के लिए शुभकामनाएं दीं।

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