गोली लगने पर मौत जहर से होती है या किसी और कारण से जरूर देखे

गोली लगने से मौत क्यों होती है ?

आपने सुना होगा की गोली लगने से इंसान की मौत जल्दी हो जाती है,आखिर ऐसी कौन सी वजह है जिसके कारण गोली लगने से मौत हो जाती है। आज हम इसी बारे में बात करेंगे और साथ ही आपको बतायेगे की बंदूक में बॉर या कैलिबर तथा mm का क्या अर्थ होता है? इन सब सवालों को जानने से पहले यह जान लेते है की एक बुलेट काम कैसे करती है।

गोली काम कैसे करती है ?

गोली के मुख्यत दो भाग होते है।
  1.  बुलेट – गोली के सबसे आगे के भाग को बुलेट कहते है। लेड या सीसे का बना होता है। जो की एक जहरीला पदार्थ है। लेकिन इससे मोत होने की सम्भावना बहुत ही कम होती है। 
  2.  खोखा -बुलेट में पीछे का भाग खोखा या बुलेट केस होता है। जिसमे की गन पाउडर भरा होता है। तथा गोली के लास्ट में एक पिन पॉइंट होता है जिस पर प्रहार किया जाता है उसे प्राइम कहते है।


जब बंदूक का ट्रिगर दबाया जाता है ,तो इसके द्वारा बुलेट की प्राइम पर जोर से धातु को टकराया जाता है, और इस टक्कर से बुलेट केस में चिंगारी उत्पन होती है। और खोखे में उपस्थित गन पाउडर में आग लग जाती है। इससे उत्पन गर्मी से खोखे की बुलेट पर से पकड़ कमजोर हो जाती है। गन पाउडर से उत्पन हुए जबर्दस्त बल या थ्रस्ट बुलेट को आगे की और धक्का देता है। और बुलेट घूमती हुए तेजी से निशाने की तरफ बढ़ती है। 

गोली में जहर भी होता है लेकिन इस जहर से ना के बराबर मौत होती है। प्रमुख रूप से गोली लगने से शरीर में से खून का रिसाव होता है। शरीर में से ज्यादा खून बह जाने से अधिकतर मौते होती है। गोली दिमाग या दिल में लगने से मोत की पूरी सम्भावना है। 


बोर या mm या कैलिबर का अर्थ –

बोर का अर्थ – किसी भी खोखली नली में दो व्यास होते है एक बाहरी और दूसरा आंतरिक तो किसी खोखली नली के आंतरिक व्यास या डायमीटर को बोर कहते है। बोर,mm या कैलिबर तीनो का अर्थ खोखली नाली के आंतरिक व्यास से ही है।